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अध्यात्मिक विश्‍वविद्यालय की आड़ में देह व्यापार का पर्दाफाश

दुर्गापुर में खबर से फैली सनसनी

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दुर्गापुरः नाम का अध्यात्मिक विश्‍वविद्यालय वास्तव में उसके भीतर देह व्यापार का अड्डा जमता है. स्थानीय लोगों का ऐसा आरोप है. इस आरोप के आधार पर अध्यात्मिक विश्‍वविद्यालय को उन्होंने बंद करने की भी मांग कर चुके हैं. घटना बेनाचिती के श्रीनगरपल्ली की है. यह दुर्गापुर नगरनिगम के २० नंबर वार्ड के अंतर्गत आता है.स्थानीय लोगों के आरोप के आधार पर शुक्रवार को स्थानीय पार्षध और पुलिस विश्‍वविद्यालय में पहुंचे. वैसे घटना बृहस्पतिवार की है. बेनाचिती के श्रीनगरपल्ली के निवासियों ने टीवी पर देखा कि दिल्ली में किसी एक अध्यात्मिक शिक्षाप्रतिष्ठान की आड़ में देह व्यापार आरोप लगाया गया है. उसे देख कर ही विषय के बारे में वह सतर्क हुए. इसके बाद अपने इलाके में मौजूद अध्यात्मिक प्रतिष्ठान की आड़ में देहव्यापार का आरोप की शिकायत उन्होंने प्रशासन से की. यह आरोप क्यों, स्थानीयों का कहना है कि शिक्षाप्रतिष्ठान में अधिक रातों तक लोगों का आते जाते हैं. बहु अपरिचित युवक युवती यहां आते हैं. अतः स्थानीयों को कभी भी इसके भीतर नहीं घुसने दिया गया.स्थानीय निवासी पापिया होड़ ने कहा कि यहां गंदगी होती है. मुहल्ले के युवक युवतियों को इसमें प्रवेश नहीं करने दिया जाता है. अतः बाहर के लोग आते हैं. भगवान के नाम पर गंदगी फैलायी जा रही है. हम चाहते हैं कि सच्चाई सामने आये. इसलिए शेर मचा रहे हैं. पर हम ताला नहीं खुलवा सके. इसके भीतर लड़कियां है. पर उन्हें निकाला नहीं जा रहा है. ऐसा भी हो सकता है कि इन लड़कियों को उद्धार करने की जरुरत है. किसी को प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है.यही तो रहस्य है.इधर अध्यात्मिक विश्‍वविद्यालय से जुड़े व्यक्ति मानस चक्रवर्ती ने इन आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि इस शिक्षाप्रतिष्ठान के मुख्य संस्थापक शिवबाबा है. इसके भीतर प्रवेश करने जाने पर कोर्स में भर्ती होना होगा.बिना भर्ती के प्रवेश नहीं किया जा सकेगा.स्थानीय लोगों का आरोप झूठा है. यहां कोई नहीं आता और न किसी प्रकार की गंदगी होती है. 

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