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अफवाह पर फेसबुक,वाट्सएप होंगे डिलिट : जुकरबर्ग

नई दिल्ली। शक्तिशाली सत्ता और धनवान सेठ (उद्योगपति) मिलकर गलत तरीके से किस तरह किसी देश का चुनाव प्रभावित करा रहे हैं| चुनाव जीता-हरा रहे हैं| अपने विरोधी को हरवा रहे हैं| अमेरिका व यूरोप में इसके कई तथाकथित उदाहरण सामने आने के बाद इस पर लगाम लगाने की मांग जोर पकड़ ली है।

डाटा चोरी करके, जनमत को प्रभावित करके किये जा रहे इस अलोकतांत्रिक, घोर जनविरोधी, घोर निजता विरोधी, व्यक्ति की स्वतंत्रता विरोधी कार्य का खुलासा जब यूरोप, अमेरिका के कुछ स्वतंत्र, जनहितैषी, क्रांतिकारी हैकरों ने कर दी, तब फेसबुक,वाट्सएप के मालिकानों की साख गिरने लगी है। जांच-छापे-पेशी का चक्र शुरू हो गया है।

धंधा धराशायी होने की स्थिति बन आई है, तो सेठ जुकरबर्ग दंडवत माफी मांगने से लेकर अब हर वह उपक्रम करने में रात-दिन खपा रहे हैं जो कोई भी सेठ अपना धंधा और राजनीतिज्ञ अपनी राजनीति, राजगद्दी बचाने के लिए करने लगता है।

आगामी चुनावों के लिए हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि फेसबुक निष्पक्ष रहे और इन चुनावों में हमारी ओर से किसी भी प्रकार का कोई हस्तक्षेप न हो। 2016 में रूस में हुए चुनाव के बाद हमने कई सारे बदलाव किए हैं। हमने आर्टिफिशियल टूल को भी विकसित किया है, जिससे कई फर्जी पेज और अकाउंट हटाये गये।

अब हम दो और बड़े कदम उठाने जा रहे हैं।’ अमेरिकी तकनीकी जानकारों का कहना है कि  भारत जैसे देशों की वे राजनीतिक पार्टियां जो अपने विपक्षी दल, उसके प्रत्याशियों, उसके नेता के विरूद्ध विष वमन करती हैं,उनके विरूद्ध फर्जी खबरें लगवाती हैं, उनके चरित्र हनन करती हैं, अफवाहें फैलाती हैं ,फर्जी सर्वे अपने पक्ष में दिखाती हैं,छपवाती हैं, फर्जी हिट्स दिखाती हैं, इन सबको जिस एकांउट, जिस साइट्स से किया जायेगा, उसे डिलिट कर देंगी। इससे कुछ राजनीतिक दलों, उनके तमाम संगठनों, उनके नेताओं को बहुत परेशानी हो जायेगी। 

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