Breaking Newsदेश

अमित शाह के बिहार दौरे के बाद तय होगा दलों के ‘रिश्ते’ का भविष्य

  • 5
    Shares

पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह गुरुवार को बिहार के राजधानी पटना पहुंचने वाले हैं। शाह के बिहार दौरे के दौरान मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार से सुबह के नाश्ते और रात्रि भोज में उनकी मुलाकात तय है। इन दोनों नेताओं के मुलाकात को बिहार की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है। 

संभवना व्यक्त की जा रही है कि भाजपा के सत्ता में वापसी के बाद शाह की इस बिहार यात्रा के दौरान न केवल नीतीश के जद (यू) से सीट बंटवारे पर चर्चा होगी बल्कि लोकसभा चुनाव की रणनीतियों पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। ऐसे में शाह के इस दौरे पर न केवल बिहार के सत्ता पक्ष के नेताओं की नजर है बल्कि विपक्ष भी इन नेताओं के मुलाकात पर पैनी निगाह रखे हुए है। 

वर्ष 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के बाद शाह की यह पहली बिहार यात्रा है। हालांकि, तब और आज के समय में काफी बदलाव आ गया है। उस समय जद (यू) भाजपा से अलग महागठबंधन में था लेकिन अब भाजपा के साथ सरकार में है। 

वैसे, इस दौरान आगामी चुनावों को लेकर भाजपा और जद (यू) के नेता सीट बंटवारे और बड़े भाई-छोटे भाई की भूमिका को लेकर आमने-सामने आते रहे हैं। दोनों दलों की बयानबाजी के दौरान जद (यू) ने यहां तक कह दिया था कि पिछले लोकसभा चुनाव के फॉमूर्ले पर चलते हुए उन्हें 40 में से 25 सीट लडऩे के लिए मिलनी चाहिए। जद (यू) ने यह भी कह दिया है कि अगर भाजपा नहीं मानती है, तो वह 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है।

नीतीश कुमार ने हालांकि सोमवार को भी यह बात स्पष्ट कर दिया है कि जद (यू) और भाजपा के बीच में बड़ा भाई बनने की होड़ का कोई सवाल ही नहीं उठता है। नीतीश ने यह भी कहा था कि दोनों दलों के बीच सीटों के तालमेल को लेकर जो बयानबाजी हो रही थी वह बेमतलब है और जब चुनाव की तारीख पास आएगी, तो दोनों दलों के आला नेता बैठकर इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे और मामले का निपटारा कर लेंगे।

यह भी पढें: धोनी की नहीं मानी बात तो पिट गए कुलदीप यादव

Tags
Show More

Did You Know ?

Mind Test

Leave a Reply

 Click this button or press Ctrl+G to toggle between multilang and English

Your email address will not be published. Required fields are marked *