कोलकाता

कल्याण बनर्जी के ईमेल के बाद चुनाव आयोग ने लिया यू टर्न

कोलकाताः चुनाव आयोग ने रातोंरात जारी किया निर्देश वापस ले लिया. सोमवार को ही विज्ञप्ति जारी कर चुनाव आयोग ने कहा था कि मंगलवार को भी नामांकन दाखिल किया जा सकेगा. पर मंगलवार सुबह जारी किये गये विज्ञप्ति को चुनाव आयोग ने वापस ले लिया. इसके साथ ही यह कहा गया है कि  दाखिल करने की समयसीमा बढ़ोतरी के निर्देश को रद्द किया जाता है.
 
इसके बाद राजनीतिक हलकों में इसको लेकर सवाल उठ रहा है. आखिर चुनाव आयोग ने क्यों पलटी मारी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अधिवक्ता तथा तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने सोमवार रात को चुनाव आयोग को एक मेल किया था. इस मेल को देखने के बाद ही चुनाव आयोग ने अपना फैसला बदला. पर प्रश्‍न उठता है कि उस मेल में आखिर ऐसा क्या लिखा था. 
 
कल्याण बनर्जी ने कहा कि आयोग द्वारा सोमवार को जारी की गयी विज्ञप्ति अवैध है. रात को ११.४६ बजे मैने मेल लिया. आयोग की विज्ञप्ति गैरकानूनी है. इस बात की जानकारी मैने मेल पर दी. किस प्रकार कानून का उल्लंधन किया जा रहा है. इसकी जानकारी भी दी. तुरंत मैने विज्ञप्ति वापस लेने की बात कही.

किसी प्रकार हुआ कानून का उल्लंधन ? 

अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने कहा कि भारतीय दंड विधि की धारा ४६/२ के मुताबिक यदि चुनाव आयोग में अधिक शिकायतें जमा पड़ रही है तो इस दिशा में वे एक निर्देशिका भी जारी कर सकते हैं. इस निर्देशिका के अनुसार उम्मीदवार के ग्रांम पंचायत व पंचायत समिति का नामांकन पत्र एसडीओ अथवा बीडीओ आफिस में जमा कर सकेंगे.
 
परंतु ४६/२ धारा के अंतिम लाइन में कहा गया है कि चुनाव आयोग चुनाव आयोग जिस विज्ञप्ति में संबंधित निर्देशिका जारी करेगा, ठीक उसी विज्ञप्ति में नामांकन दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने की विज्ञप्ति जारी करनी होगी.
 
परंतु वास्तव में ऐसा नहीं हुआ. अर्थात नामांकन पत्र एसडीओ अथवा बीडीओ आफिस में जमा कराने की विज्ञप्ति आयोग ५ अप्रैल को जारी किया था. दूसरी ओर नामांकन दाखिल करने की समयसीमा बढ़ोतरी की विज्ञप्ति ९ अप्रैल को जारी किया गया. अर्थात् वह अवैध है. कल्याण बनर्जी ने ठीक इसी विषय का मेल में उल्लेख किया है. उसके बाद ही चुनाव आयोग ने विज्ञप्ति वापस ले लिया.  
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