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कोलकाता के कई बड़े रेस्तरां में मिले सड़े मांस परोसे जाने के प्रमाण

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कोलकाता । पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता समेत विभिन्न जिलों में कूड़े पर मरे जानवरों के सड़े-गले मांस को ताजा मांस के साथ मिलाकर सप्लाई किए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे होते जा रहे हैं। घटना सामने आने के बाद कोलकाता पुलिस के इंफोर्समेंट ब्रांच (ईबी), कोलकाता नगर निगम तथा बिधान नगर पौरसभा की टीम ने कोलकाता के प्रायः सभी बड़े और छोटे होटलों से मांस के नमूने संग्रह किए थे। इन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लैब में भेजा गया था। अब पता चला है सिर्फ कोलकाता ही नहीं बल्कि सॉल्ट लेक, दमदम और आस-पास स्थित कई बड़े रेस्तरां में परोसे जा रहे मांस में गंभीर रूप से बीमार करने वाले जीवाणु मिले हैं।

ईबी की ओर से जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कोलकाता के पार्क सर्कस में स्थित ग्रीन चारकोल जैसे बड़े रेस्तरां समेत सॉल्ट लेकके तीन और फाइव स्टार होटलों में परोसे जा रहे मांस में ऐसे जीवाणु मिले हैं, जो सड़े मांस में होते हैं। यह भी जानकारी मिली है कि लंबे समय से यह कारोबार चल रहा था और यहां आने वाले लोग इसी तरह के मांस खाने को मजबूर थे। इतने बड़े मामले के प्रकाश में आने के बाद इंफोर्समेंट ब्रांच ने होटल मालिकों व प्रबंधकों और अन्य बड़े अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्जकर लोगों की जान से खिलवाड़ व धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी कुछ होटलों का ही रिपोर्ट सामने आया है। पूरी रिपोर्ट के सामने आने के बाद पुलिस प्रवर्तन विभाग की ओर से बड़े पैमाने पर इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि महानगर के पास सभी बड़े और छोटे रेस्तरां में सड़े मांस की सप्लाई होती थी और इन्हें ताजा मांस के साथ मिलाकर परोसा जाता रहा है।

उल्लेखनीय है कि दो महीनें पहले पता चला था कि कोलकाता समेत आस-पास के जिलों में एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है, जोकि कूड़े पर मरे पड़े जानवरों को उठाकर उन्हें काटकर उनके सड़े-गले मांस को ताजा मांस के साथ मिलाकर कोलकाता व आस-पास के रेस्तरां में सप्लाई करता था। मामले की जांच अपराध जांच विभाग (सीआईडी) कर रही है और अब तक १२ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

यह भी पता चला है कि ये लोग खटाल में मरे हुए बछड़ों को खरीद लेते थे और उन्हें काटकर उनका मांस भी अन्य मांस के साथ सप्लाई किया करते थे। खटाल में गाय भैंस आदि पालने वाले लोग बछड़ों के जन्म होने के बाद उन्हें दूध दुहने के लिए केवल थोड़ा सा दूध पिलाकर जिंदा रखते थे और किसी भी तरह का खाना नहीं देते थे। भूखे रहने के कारण कुछ दिनों के अंदर ही बछड़े मर जाते थे और इन्हें सड़ा मांस तस्करी गिरोह के हाथ सौंप दिया जाता था। 

फिलहाल, अब फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट ने कलकत्तियंस को मुश्किल में डाल दिया है। मामले के प्रकाश में आने के बाद कोलकाता व आसपास के जिलों में मांस की बिक्री में भारी गिरावट आई है। रेस्तरां में खाने वाले लोग भी आम तौर पर शाकाहारी खाना ही आर्डर कर रहे हैं।

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