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कोलकाता में तेजी से फैल रहे हैं फर्जी चेक से संबंधित साइबर अपराध

कोलकाता। पिछले महीने ही पश्चिम बंगाल सीआईडी की टीम ने एक कारोबारी के खाते से 3 लाख रुपये की अवैध निकासी करने वाले एक शातिर गिरोह के सरगना को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पता चला है कि उसने फर्जी चेक के जरिए ये रुपये निकाले थे। उसके बाद एक के बाद एक कई मामले सामने आए जिसमें कोलकाता में फर्जी चेक के जरिए रुपये की अवैध निकासी करने के मामले प्रकाश में आए थे।

इन सभी घटनाओं की जांच राज्य सीआईडी की टीम कर रही है। गुरुवार को सीआईडी के डीआईजी निशात परवेज ने इस बारे में बताया कि हाल के दिनों में कोलकाता में बड़ी संख्या में चेक फर्जीवाड़ा कर लोगों के खाते से रुपये निकालने के मामले प्रकाश में आए हैं। परवेज ने बताया कि दिसंबर की शुरुआत से, जनवरी के पहले सत्ता तक कोलकाता के अधिकतर क्षेत्रों में इस तरह की आपराधिक घटनाएं सामने आई है जिसकी जांच में सीआईडी की टीम जुट गई है।

एक वरिष्ठ सीआईडी ​​अधिकारी ने दावा किया कि धोखाधड़ी करने वाले अब इतनी सटीकता के फर्जीवाड़ा कर रहे हैं कि चेक को सबसे अधिक सुरक्षित बनाने वाली चुंबकीय स्याही वर्ण पहचानकर्ता (एमआईसीआर), की भी कॉपी कर ले रहे हैं।

सीआईडी के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने जनवरी महीने के पहले सप्ताह में हुई घटनाओं के बारे में जिक्र करते हुए बताया कि पिछले सोमवार, श्यामबाजार स्थित बैंक प्रबंधकों में से एक ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए कहा कि दिनेश सिंह के रूप में पहचाने जाने वाले व्यक्ति ने अनुराधा देवी और उनके पति अनिल कुमार गोस्वामी द्वारा हस्ताक्षरित एक चेक से पैसे निकाले थे। 25.10 लाख रुपये का चेक नकली निकला। 

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि दो हफ्ते पहले जोड़ासांको में इसी तरह की धोखाधड़ी की गई जब शातिरों ने 31.10 लाख रुपये फर्जी चेक के जरिए निकाल लिया है| इसी सप्ताह कोलकाता के नाकतला क्षेत्र में भी फर्जी चेक से 10 लाख रुपये की निकासी हुई है।
इन मामलों की जांच में जुटी सीआईडी ने पांच राष्ट्रीयकृत बैंकों और छह निजी बैंकों के साथ-साथ 30 एटीएम कार्डों समेत जाली चेकबुक भी जब्त की है।
सूत्रों के मुताबिक आरोपितों ने मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन (‍एमआईसीआर) डेटा को भी हूबहू कॉपी कर लिया था जो चौंकाने वाला है।  जांचकर्ताओं को संदेह है कि बैंकों में असली चेक बुक बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली तकनीकी और मशीनें भी चेक का फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के हाथ लग गई है जो बहुत खतरनाक है।

इन मामलों में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कोलकाता पुलिस की बैंक फ्रॉड शाखा अब सीआईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए सात में से एक मास्टरमाइंड से पूछताछ करने की योजना बना रही है, जिसे तीन सप्ताह पहले दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था।  

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपित एक दूसरे को व्हाट्सएप पर कॉल करते थे। एक बार चेक क्लियर हो जाता था, तो वे अलग-अलग खातों में पैसा ट्रांसफर कर देते थे। इसमें कुछ डुप्लीकेट चेक निर्माता भी शामिल हैं। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने डुप्लीकेट चेक कैसे और कहां से तैयार किए।

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