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कोलकाता में बड़े पैमाने पर हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी

कोलकाता, 26 दिसम्बर (हि.स.)। क्रिसमस और नववर्ष से पहले कोलकाता में भारी मात्रा में जब्त हुए ड्रग्स से जुड़े मामलों की जांच कर रही नार्कोटिक्स कंट्रेल ब्यूरो का दावा है कि पूरे देश में कोलकाता पिछले कुछ साल से न्यू ईयर पर ड्रग्स तस्करों की सबसे पसंदीदा जगह बन गई है। यहां पार्टी करने वाले लोगों में ड्रग्स की मांग इतनी बढ़ रही है कि तस्करों के लिए अब यह शहर गढ़ बन गया है। 
प्रतिबंधित मादक पदार्थों की तस्करी के लिए पेशेवर तस्करों ने कॉलेज छात्रों को शिकार बनाया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीअी) के अधिकारियों ने बताया कि क्रिसमस और नए साल के मौके पर शहर में कई पार्टियों और कार्यक्रमों का आयोजन होता है और नशीले पदार्थों के तस्कर पार्टी करने वाले लोगों की मांगों को पूरा करने के लिए पहुंच जाते हैं। 
कोलकाता ब्यूरो के क्षेत्रिय निदेशक दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हाल में कोलकाता देश के उन शीर्ष शहरों में शामिल हुआ है जहां इस समय हशीश और एलएसडी जैसी बैन मादक चीजें बेची जा रही हैं। इस अवधि में नशीले पदार्थों की मांग बढ़ जाती है और ऐसे पदार्थों को बेचने के लिए कई तस्कर शहर में दिखने लगते हैं।
श्रीवास्तव के मुताबिक, ड्रग्स विभिन्न रास्तों से कोलकाता पहुंचता हैं। उन्होंने कहा, हाशीश को मलाना चरस के तौर पर भी जाना जाता है और अपेक्षाकृत सस्ता होने के कारण कोलकाता में इसकी खासी मांग है। हशीश मुख्य तौर पर हिमाचल प्रदेश से लाया जाता है जबकि एलएसडी जैसे नशीले पदार्थों की आपूर्ति यूरोप, अमेरिका और चीन से होती है। ये नशीले पदार्थ तस्करों को विभिन्न कॉलेजों के छात्रों के जरिए आसानी से जरूरतमंदों तक पहुंचा दिया जा रहा है। फिलहाल एनसीबी ने कई कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इसकी तस्करी पर रोक लगाने के लिए सामंजस्य बनाने की पहल की है। 
एनसीबी के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेश और नेपाल सीमा से करीब होने की वजह से ये पदार्थ आसानी से कोलकाता पहुंच जाते हैं। कोलकाता में पार्टी करने वालों के लिए ये सारे ड्रग्स आसानी से सप्लाई हो जाते हैं। 

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