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खतरनाक ‘अनजान’ वायरस, सिर्फ 48 घंटे जीने देगा ये ‘निपाह’

केरल में एक खतरनाक वायरस ने 9 लोगों की जान ले ली. मरने वालों में एक ही परिवार के चार लोग शामिल है. चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं इस खतरनाक वायरस की चपेट में आने से 25 लोगों को निगरानी में रखा गया है. वहीं पुणे की वायरोलॉजी इस्टीट्यूट में लिए गए ब्लड के तीन सैंपल में ‘निपाह’ वायरस होने की पुष्टि हुई है. केरल सरकार ने हालात से निपटने के लिए केंद्र से तत्काल मदद मुहैया कराने की गुहार लगाई है.

कैसा फैलता है निपाह वायरस?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, निपाह वायरस फैलने की मुख्य वजह चमगादड़ है. ये वायरस चमगादड़ों से फलों में फैलता है. उसके बाद फलों द्वारा ये वायरस इंसानों तक पहुंच जाता है. इसके अलावा ये वायरस जानवरों को भी अपनी चपेट में ले लेता है. बता दें कि पहली बार 1998 में मलेशिया के कांपुंग सुंगई निपाह में इसके कई मामले सामने आए थे. इसी वजह से इस वायरस को निपाह नाम दिया गया. निपाह वायरस का सबसे पहले असर सूअरों में देखा गया था.

वहीं साल 2004 में निपाह वायरस का बांग्लादेश में भी प्रकोप फैला था. ऐसा माना जा रहा है कि निपाह वायरस केरल में पहलीबार फैला है.

ये होते हैं निपाह वायरस पीड़ित में लक्षण

निपाह वायरस से पीड़ित इंसान में सबसे पहले सांस लेने संबंधी दिक्कतें आने लगती है. उसके बाद इंसान के दिमाग में जलन महसूस होने लगती है. वहीं अगर समय रहते इंसान का इलाज ना कराया जाए तो मौत निश्चित है.

अभी नहीं बनी निपाह वायरस की वैक्सीन

बताया जा रहा है कि खतरनाक निपाह वायरस की अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनी है. जिससे इस वायरस से पहले से बचाव किया जा सके. हालांकि कुछ सावधानियां बरतकर निपाह वायरस की चपेट में आने से बचा जा सकता है. निपाह वायरस से पीड़ित व्यक्ति का आईसीयू में इलाज करना होता है.

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