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खुलेंगे मंगल ग्रह के कई राज

नई दिल्ली। नासा ने एक बार फिर एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस सफलता के बाद मंगल ग्रह की गुत्थियां सुलझाने में काफी मदद मिलने वाली है। आपको बताते चले कि नासा का रोबोटिक ‘मार्स इनसाइट लेंडर’ सोमवार की रात सफलतापूर्वक लाल ग्रह पर लैंड कर गया। यह मार्स इनसाइट लेंडर मंगल ग्रह की आंतरिक संरचना पृथ्वी से कितनी अलग है, इसका बात का पता लगाएगा।

मिली जानकारी के मुताबिक ‘इनसाइट’ ने मंगल पर लैंडिंग के लिए सात मिनट लिया। भारतीय समयानुसार सोमवार रात 1।24 बजे ‘इनसाइट’ ने मंगल की सतह पर उतरा। सात मिनट तक पूरी दुनिया के वैज्ञानिक दिल थाम कर पूरी प्रक्रिया देख रहे थे। जैसे ही इनसाइट ने मंगल पर सफलता पूर्वक लैंड किया पूरी दुनिया के वैज्ञानिक खुशी से झूम उठे। नासा के प्रशासक जिम ब्राइडेंस्टाइन ने इनसाइट के टचडाउन का ऐलान करते ही सभी को बधाई दी।

मंगल की कक्षा में पहुंचने के समय ‘इनसाइट’ की स्पीड 19800 किलोमीटर की थी, जो लैंडिंग के वक्त घटकर 8 किलोमीटर प्रतिघंटा की रह गई। ‘इनसाइट’ का ये मिशन मंगल करीब 7044 करोड़ रुपये का था। नासा ने ‘इनसाइट’ की लैंडिंग लाइव दिखाई।

आपको बताते चले कि 6 महीने में 48.2 करोड़ किलोमीटर की यात्रा पूरी कर इनसाइट मंगल की सतह पर उतरा। नासा से मिली जानकारी के मुताबिक इनसाइट नामक यह यान एक पैराशूट और ब्रेकिंग इंजन की मदद से रफ्तार को धीमा किये जाने के बाद उतरा। बता दें कि मंगल से पृथ्वी की दूरी लगभग 16 करोड़ किलोमीटर है और अंतरिक्षयान के बारे में रेडियो सिग्नल से मिल रही जानकारी यहां तक आने में आठ मिनट से ज्यादा का समय लग रहा है। 1976 के बाद से नासा ने नौवीं बार मंगल पर पहुंचने का यह प्रयास किया। अमेरिका के पिछले प्रयास को छोड़कर बाकी सभी सफल रहे।

इनसाइट मंगल ग्रह के अंदर होने वाली हलचल के बारे में पता लगाएगा।’इनसाइट’ के रवाना होने के साथ ही दो मिनी सेटेलाइट भी इसके पीछे चलती रहीं, जो हर पल अपडेट देती रहीं। पृथ्वी से तुलना करें तो मंगल का भार एक तिहाई और घनत्व 30% से कम है। इनसाइट मंगल पर भूकंपीय हलचल यानि सिस्मिक वेव के बारे में पता लगाएगा।

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