कोलकाता

गति-विधि की बगैर परवाह किये, बाईपास पर बेलगाम दौड़

कोलकाताः एक के बाद एक गाड़ियां मापी हुई  गतियों के अनुसार चल रही है. स्पीड कैमरे में कुछ देर नजरें बनाये रखते ही ७९,९८,६६,९८,८८,९४,९० बोर्ड पर दिखने लगती है. गति के यह आंकड़े किसी रेसिंग ट्रेक के नहीं है. यह आंकड़े ईस्टर्न मेट्रो पोलिटन बाईपास पर दौड़ने वाली गाड़ियों के हैं.

ईस्टर्न मेट्रोपोलिटन बाईपास होते हुए गाड़ियां गत रात ११.२० बजे से शुरु कर सा़ढ़े १२ बजे तक बाईपास के विभिन्न स्थानों पर रखे स्पीड कैमरे में गाड़ियों की यह गति रिकार्ड की गयी है.पुलिस का कहना है कि बाईपास पर छोटी गाड़ियों के लिए गतिसीमा घंटे में ६० किलोमीटर है, बस, ट्रक व मोटरबाइक के लिए यह सीमा घंटे में ५० किलोमीटर है.

रात ११बजे बाईपास पर एक निर्मित मेट्रो स्टेशन के पास ही एक स्पीड कैमरा है. वहां १५ मिनट खड़ा होने पर यह देखने को मिला कि सामने के सिग्नल लाल होने पर एक मात्र उसी गाड़ियां रुकने को बाध्य हो रही है.परंतु जैसे ही बत्तियां हरी होती है वैसे ही गति की प्रतियोगिता शुरू हो जाती है. इलाके के निवासियों का आरोप है कि मोड़ पर जहां गाड़ी धीरे चलाने की बात है वहां भी कई गाड़ियां अपने गति कम नहीं करती. गाड़ियों के साथ ही गति का तूफान उठाने में बाईक सवार भी पीछे नहीं.

किसी की गति ८० तो किसी की ९० थी. रात ११ .४५ बजे ः चिंग्ड़ीघाटा मोड़ से थोड़ा आगे साइंस सिटी के पहले एक और स्पीड कैमरा लगा है.इस क्षेत्र में कोई सिग्नल न होने के कारण गाड़ियों की गति मानो और बेलगाम हो जा रही थी. प्रतिघंटे गाड़ी ८८ किलोमीटर की गति से एक बड़ी गाड़ी निकल गयी. खाली आखों से देख कर ऐसा लगा मानो स्पीड कैमरा देखकर  गाड़ी का चालक सतर्क होकर अपनी रफ्तार कम की.कैमरे की नजर पार करते ही गाड़ी की गति ने फिर रफ्तार पकड़ ली. २० मीनट वहां खड़े होकर यह देखने को मिला कि स्पीड कैमरे की लाइट बीच बीच में जल उठती थी.

गश्त लगा रही एक पुलिस अधिकारी एक मोटरसाइकिल ले कर जा रहे थे. उन्होंने कहा कि  स्पीड कैमरे की बत्ती जलने का मतलब ही नियम तोड़ने वाले गाड़ी का तस्वीर खींच लिया गया एवं उस पर जुर्माना भी लगा दिया गया.  पर इससे किसी को कोई लाभ हो रहा है क्या ? गाड़ी चालक मनमानी कर ही रहे हैं. अधिकांशों की गति सीमा नहीं मानती. कोई पहली बार गति का सीमा का उल्लंधन करता है तो उस पर ३०० रुपया जुर्माना लगाया जाता है.

उसके बाद फिर यही अपराध करने पर जुर्माने का परिमाण कुछ बढ़ जाता है. आरोप है कि गति की सीमा का उल्लंधन करने पर गाड़ी चलाने के लिए जुर्माना इतना ही कम है कि उसे लेकर कोई परेशान नहीं होना चाहता.रात १२.०५ बजे साइंट सिटी से आगे बीआर एम्बेडकर सेतु केपास एक और स्पीड कैमरा है. रात जितनी बढ़ती है बाईपास पर गाड़ियों की गति भी वैसे ही बढ़ती जाती है. इस सेतु की ओर देखने पर ऐसा लगा कि मानो गति की प्रतियोगिता चल रहा हो.

उनकी गति बीच बीच में ९० के धर में धुस जा रही थी. और कुछ आगे जाकर देखा गया कि बाईपास के कालिकापुर के पास एक बार के सामने रास्ते पर गाड़ियां खतरनाक तरीके से रखी गयी है. किसी भी समय दुर्घटना घट सकती है.लालबाजार ट्राफिक गार्ड के अधिकारियों का कहना है कि पूरे बाईपास पर गाड़ी की गति करने के लिए स्पीड कैमरे के साथ ही सीसीटीवी कैमरा लगाये गयें हैं. इसके अलावा गश्त लगाने वाली पुलिस तो है ही. इसके बावजूद बाईपास की गति कम होने का नाम नहीं ले रही है यह स्पीड कैमरे ही बयां कर रहे हैं. लालबाजार ट्राफिक पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि बाईपास की गाड़ियों की गति बांधने के लिए कुछ और स्पीड कैंमरे लगाये जायेेंगे.  

 

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