विदेश

चीन पाकिस्तान समेत विदेशी बंदरगाहों तक पहुंच बढ़ाने की फिराक में : अमेरिका

वाशिंगटन। चीन की बढ़ती सैन्य क्षमता से अमेरिका चिंतित हो गया है। उसका कहना है कि ड्रैगन अफ्रीका, पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया में वाणिज्यिक बंदरगाहों तक पहुंच बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। पेंटागन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन हिंद महासागर और अन्य सागरों में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

इसके लिए वह पाकिस्तान के ग्वादर सहित अन्य विदेशी बंदरगाहों तक अपना विस्तार कर रहा है। इन कोशिशों से भविष्य में बंदरगाहों तक सैन्य साजोसामान मुहैया कराने की आवश्यकता पूरी होगी।

इसकी भी संभावना प्रबल है कि चीनी नौसेना अपने अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू साजोसामान अभियान, आपूर्ति, पुन: पूर्ति के लिए वाणिज्यिक बंदरगाहों और असैन्य जहाजों का इस्तेमाल करेगी।रिपोर्ट में कोरियाई प्रायद्वीप की पहचान ऐसे क्षेत्र के रूप में की गई है जहां अस्थिरता और अनिश्चितता का माहौल है।

पेंटागन ने भारत के साथ लगती चीन की सीमा पर क्षेत्रीय विवादों के संबंध में भी चिंताएं जताई है। सीमा विवाद के कारण साल 2017 में विवादित डोकलाम क्षेत्र में तनावपूर्ण गतिरोध पैदा हुआ था। पेंटागन ने कहा कि चीन अपना पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत बना रहा है जिसका प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्रीय रक्षा अभियान में मदद करना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग संभवत: हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर में शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए इस जहाज का इस्तेमाल करेगा। इस जहाज का प्रारंभिक परीक्षण मई, 2018 में हुआ था और इसके 2019 तक बेड़े में शामिल होने की संभावना है।

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