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जंगल महल इलाके में बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर चुनावी ड्यूटी करेंगे जवान

कोलकाता। आगामी 12 मई को पश्चिम बंगाल के आठ संसदीय सीटों पर छठे चरण का मतदान होना है। इसमें से   दिनीपुर,झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुड़ा का एक विस्तृत इलाका जंगलमहल कहलाता है। यह क्षेत्र एक दौर में माओवादियों के हिंसक गतिविधियों का गढ़ रहा है। इसे देखते हुए 12 मई रविवार को चुनावी ड्यूटी में तैनात होने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है। पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्वक मतदान सुनिश्चित कराने के लिए विशेष पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किए गए आईपीएस विवेक दुबे ने यह निर्देश दिया है। 

बताया गया है कि जंगलमहल के इलाके में जितने भी जवानों की ड्यूटी लगेगी उन सब के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही उन्हें विशेष तौर पर सतर्क रहने और इलाके में इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईडी) आदि लगाए जाने की आशंका के मद्देनजर मतदान से पूर्व पूरे इलाके में गहन जांच करने का भी निर्देश दिया गया है।

इसमें राज्य पुलिस के सशस्त्र बलों की भी मदद ली जा रही है। शुक्रवार सुबह से ही पूरे इलाके में तलाशी अभियान और संदिग्धों की पहचान शुरू कर दी गई है। जंगलमहल इलाके में पहले से ही संदिग्ध माओवादी गतिविधि के मद्देनजर 40 कंपनी केंद्रीय बलों की तैनाती है इसके अलावा अतिरिक्त 74 कंपनी केंद्रीय बलों को यहां पहुंचाया गया है। 

दरअसल एक मई को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में माओवादियों ने आईईडी विस्फोट किया था जिसमें सीआरपीएफ के 15 जवान शहीद हो गए थे। वैसे तो पश्चिम बंगाल का जंगलमहल इलाका 2013 में ही माओवाद पीड़ित क्षेत्र की सूची से बाहर निकल गया है लेकिन हाल के दौर में इन क्षेत्रों में माओवादियों के कुछ पोस्टर और संदिग्ध गतिविधियां देखी गई हैं। केंद्रीय और राज्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से इससे संबंधित अलर्ट जारी किया था। 

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