Breaking Newsऐसा भी होता है

जान से प्यारा मुर्गा हुआ किडनैप

  • 2
    Shares

खबर के मुताबिक, सेक्टर 1 बचत चौक निवासी छोटेलाल निषाद ने थाने में शिकायत करते हुए बताया कि वो महज, मुर्गा नहीं, मेरा बेटा ही नहीं बल्कि मेरे कलेजे का टुकड़ा था. उसे देखकर ही मैं जिंदा रहता था लेकिन मेरे अपने सगे बेटे शम्भू ने ही उसका अपहरण कर लिया और वो गायब है. मेरे बेटे को पकड़कर जेल में बंद कर दीजिए और मेरा मुर्गा दिला दीजिए

पीडि़त छोटे लाल का कहना है कि बड़े लाड़ प्यार से उस मुर्गे को पाला था. जब मुर्गा छोटा था 100 ग्राम का था तब से उसको पाला है. दो साल में उसे मुर्गे से दिल्लगी हो गई थीप्यार इतना अटूट की, वो मुर्गा इंसानी भाषा समझने लगा था. अपने बेटे से भी बढ़कर उस मुर्गे को छोटे लाल ने प्यार दिया था, लेकिन उसका शराबी बेटा घर से 5 हजार रुपये ओर उस जिगर के टुकड़े मुर्गे को लेकर फरार हो गया. पीड़ित की शिकायत पर भट्टी पुलिस शम्भू उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जांच कर रही है. पुलिस की मानें तो मामला परिवारिक है

पीड़ित का कहना है कि उसके कलेजे के टुकड़ा यानी मुर्गे को मार के खाने वाले बेटे को सजा मिले. क्योंकि उसको ऐसा लगता है कि उसका बेटा मुर्गा खा गया है. आरोपी बेटा शराब के नशे में गाली गलौच कर रहा था लेकिन उसके पास मुर्गा नहीं था.

यह भी पढें: मिस्डकॉल पर प्यार में पड़ गई एक बच्चे की मां

Tags
Show More

Did You Know ?

Mind Test

Leave a Reply

 Click this button or press Ctrl+G to toggle between multilang and English

Your email address will not be published. Required fields are marked *