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टारगेट लोकसभा: हिंदी भाषियों के विराट सम्मेलन को संबोधित करेंगी ममता

कोलकाता, तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि आगामी शुक्रवार को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में पार्टी की ओर से एक बड़ा सम्मेलन किया जाएगा जिसमें काफी हिन्दी भाषी शामिल होंगे। इस सम्मेलन को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी संबोधित करेंगी। दरअसल मुख्यमंत्री के पास ऐसी रिपोर्ट पहुंचाई गई है कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रहने वाले हिंदी भाषी लोगों का झुकाव भाजपा की ओर अधिक है।

ऐसे में उन्हें लोकसभा चुनाव से पहले अपने पक्ष में करने के लिए ही सीएम ने इस सम्मेलन को संबोधित करने की सहमति दी है। अपने संबोधन में हिंदी भाषा क्षेत्र के लोगों के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख मुख्यमंत्री करेंगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के बारे में भी मुख्यमंत्री बताएंगी। 
सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि इस पूरे संबोधन में मुख्यमंत्री हिंदी में ही अपना भाषण देंगी। इस बारे में मंत्री शशि पांजा ने बताया कि इस समावेश में अतिथि के तौर पर उन्हें भी आमंत्रण मिला है और वह जाएंगी। 

ज्ञात हो कि पिछले साल मॉरीशस में विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन हुआ था जिसमें कोलकाता से तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक गुप्ता शामिल हुए थे। साथ ही पूर्व विधायक दिनेश बजाज भी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। बताया गया है कि नेताजी इंडोर स्टेडियम में भी आयोजित होने वाले कार्यक्रम का आयोजन इन दोनों ने ही किया है।

हालांकि इस बार राज्यसभा के चुनाव में ममता बनर्जी ने विवेक गुप्ता को किनारे कर दिया है और उन्होंने उन्हें टिकट नहीं दिया है। मॉरीशस में हुए विश्व हिंदी सम्मेलन में पार्टी की ओर से प्रतिनिधि बनकर ही यह दोनों गए थे। इसके पहले भी मुख्यमंत्री ने कई जगहों पर हिंदी भाषियों को संबोधित किया है लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है जब नेताजी इंडोर की तरफ बड़े स्टेडियम में केवल हिंदी भाषियों को ही संबोधित करेंगी। सीएम के संबोधन पर भाजपा की भी नज़र टिकी हुई हैं। इस बारे में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा कि इस तरह के किसी कार्यक्रम के बारे में भी उन्हें जानकारी नहीं मिली है लेकिन भाजपा इस पर जरूर नजर रखेगी।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल उत्तर बंगाल में प्रशासनिक बैठक के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि हिंदी भाषी राज्य में अतिथि के रूप में आए हैं और उन्हें अतिथि के तौर पर ही रहना चाहिए। राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी किसी भी स्तर पर हिंदी में बात करने से कतराते हैं एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हिंदी के किसी भी सवाल का जवाब नहीं देते हैं।

समय-समय पर पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में नौकरियों में भी हिंदी में प्रश्नपत्र के ऑप्शन को खत्म किया है एवं हाल ही में ग्रुप-डी के लिए 25000 सीटों पर निकाली गई वैकेंसी के प्रश्न पत्र में केवल बांग्ला और अंग्रेजी में सवाल पूछे गए थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी का हिंदी भाषियों का यह सम्मेलन निश्चित तौर पर समय के अनुरूप हिंदी भाषियों को लुभाने की पहल मात्र माना जा रहा है। 

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