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पबजी गेम से युवाओं पर पड़ रहा है बुरा असर

नई दिल्ली। प्लेयर अननोन बैटलग्राउंड (पबजी) मोबाइल गेम इन दिनों दुनिया के दूसरे देशों के साथ ही भारतीय युवाओं में भी में काफी लोकप्रिय हो रहा है। जानकारों की मानें तो इस गेम से बच्चों और युवाओं के मानसिक और शारीरिक विकास पर बुरा असर पड़ रहा है।
हाल ही में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस में 120 से ज्यादा मामले आए, जिनमें बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर इस गेम का विपरीत प्रभाव देखा गया। इस गेम के लत से युवाओं के व्यवहार में बदलाव देखने को मिल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक हजारों युवाओं में असामान्य व्यवहार के मामले सामने आना चिंताजनक बात है।

न्यूरोलॉजिस्ट डाॅ. मनीष कहते हैं कि ऐसे जो भी खेल होते हैं, उसमें बच्चों की रचनात्मक क्षमता और आसपास के लोगों के जुड़ाव प्रभावित होता है। उनकी सोच में बदलाव आता है और उनके सोचने की शक्ति सीमित हो जाती है। युवाओं का लोगों से जुड़ाव टूटता जा रहा है। इसमें परिवार को यह सोचने की जरूरत है कि बच्चे इस तरफ क्यों जा रहे हैं। मां बाप अपने बच्चों पर बहुत कम ध्यान देते हैं कि उनका बच्चा उनकी गैरमौजूदगी में क्या कर रहा है। डाॅ. मनीष कहते हैं कि मां बाप को उनकी गैरमौजूदगी में भी बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान रखने की जरूरत है। इस तरह के गेम से बच्चों में आपराधिक विचार उत्पन्न होते हैं। 

इस गेम की लत के कारण बच्चों में नींद की कमी, असल जिंदगी से दूरी, स्कूलों और कॉलेजों से लगातार छुट्टी लेना, पढ़ाई का स्तर गिरना जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस में आए मामलों के मुताबिक देर रात तक जागने के कारण युवाओं के सोने के समय में बदलाव हो रहा है।

इससे ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है।नींद पूरा नहीं होने के कारण दिमाग पर बुरा असर पड़ता है, जिससे यादाश्त कमजोर होती है, एकाग्रता की कमी होती है और बौद्धिक विकास में समस्याएं आती है। इतना ही नहीं, गेम में हथियारों के इस्तेमाल और गेम जितने की मंशा के कारण उनमें आक्रामकता भी बढ़ रही है। उनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी देखा जा सकता है।

पबजी एक ऐसा गेम है जिसमे एक सौ खिलाड़ी एक टापू पर उतर कर वहां मौजूद अलग-अलग घरों और स्थानों पर जाकर हथियार दवाइयां और युद्ध संबंधित चीजों को इकट्ठा करना होता है। इसके लिए टापू पर उन्हें कार बाइक और नाव मिलती है, जिससे वह हर जगह जाकर अपने प्रतिद्वंद्वी को खेल में मार कर आगे बढ़ सके। 100 लोगों में बचने वाला आखिरी खिलाड़ी विजेता बनता है।

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