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फसल बीमा को लेकर केंद्र सरकार पर बरसीं ममता

दक्षिण 24 परगना(प.बंगाल)। “जब 80 रुपये दे पा रही हूं तो 20 रुपये और दे सकती हूं।” कृषकों की फसल बीमा को लेकर केंद्र सरकार पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ठीक इन्हीं शब्दों में निशाना साधा। ममता बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल को केंद्र सरकार के रहमो करम की जरूरत नहीं है। मां, माटी, मानुष की सरकार किसानों के पास थी, है और रहेगी। 

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र बंगाल सरकार का शोषण कर रही है। बुधवार को दक्षिण 24 परगना जिले के मंदिरबाजार में आयोजित जनसभा से मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिये फसल बीमा को लेकर केंद्र सरकार राजनीति कर रही है। सौ रुपये में पश्चिम बंगाल सरकार को 80 रुपये देने पड़ते हैं। बाकी 20 रुपये केंद्र सरकार देती है। लेकिन केन्द्र सरकार यह कह रही है कि फसल बीमा के सारे पैसे वही दे रही है। यह केंद्र सरकार झूठ बोल शोषण कर रही है तथा लोगों को गलत समझाया रहा है। जब हम 80 रुपये दे पा रहे हैं तो 20 रुपये और दे पाएंगे। केंद्र सरकार की कोई जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कृषकों के हित में राज्य सरकार ने कई परियोजनाओं की शुरुआत की है। जमीन का खाजना, म्यूटेशन शुल्क रहित कर कर दिया गया है। कृषक भत्ता सहित कई परियोजनाएं कृषकों के हित में शुरू हुई हैं। बाढ़ में क्षतिग्रस्त 30000 परिवारों को आर्थिक सहायता राज्य सरकार ने दी है। राज्य में 40 लाख मकान बनवाये गये हैं।

कृषकों को कृषि के यंत्र प्रदान किये गये हैं। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि नासिक में दो रुपये किलो प्याज बेचा जा रहा है। उचित दाम नहीं मिल पाने की वजह से वहां के किसान सड़कों पर प्याज और लहसुन फेंक रहे हैं। तकरीबन 12000 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने धान की खरीद में हो रहे भ्रष्टाचार रोकने का दावा करते हुए कहा कि राज्य सरकार एक नया सिस्टम शुरू करने जा रही है। धान दें और चेक लें। अब धान की खरीद में कोईबिचोलिया नहीं होगा। किसान अपना धान स्वयं बेच पायेंगे। धान की खरीद के लिए धान क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई जायेगी। सभा में मुख्यमंत्री के अलावा मंत्री इन्द्रनील सेन सहित कई महत्वपूर्ण लोग मौजूद रहे।

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