कोलकाता

बंगाल में  नगर निकाय चुनाव पर टिकी भाजपा की नजर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में इस आम चुनाव में 42 में से 18 सीटों पर शानदार जीत हासिल करने वाली  भाजपा की नजर  अब अगले साल होने वाले शहरी  निकाय  चुनावों पर टिकी   हैं। इससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपने गढ़ को बचाए रखने की सबसे कठिन चुनौती होगी। आम चुनाव में भाजपा  ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के  144 वार्डों में से लगभग 51 में अच्छा प्रदर्शन  किया है। 

2020 में पालिका चुनाव होने हैं और राज्य  सरकार ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैै। सोमवार को ही राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त को बदल दिया गया है और 12जिलों के जिलाधिकारियों का तबादला हुआ हैै। उन सभी क्षेत्रों के जिलाधिकारियों को बदला गया है जहां भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा है। माना जा रहा है कि चुनाव परिणामों को ध्यान में रखते हुए ही बंगाल सरकार ने यह निर्णय लिया है। इसे लेकर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर प्रशासनिक मदद से चुनाव जीतने की जुगत लगाने का आरोप लगाना शुरू कर दिया है।

 पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “बंगाल में, लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक नए भारत के दृष्टिकोण पर प्रतिक्रिया दी। यही कारण है कि उन्होंने सत्तारूढ़ तृणमूल को खारिज कर दिया। हमें स्वीकार किया और 18 सीटों पर हमारे लिए जीत दी।

इसी तरह, बंगाल में नगर निगम के वार्डों और विधानसभाओं में भी इसका असर देखा गया। अब राज्य सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले उसे सफलता मिलने वाली नहीं है।” उन्होंने कहा कि लोग टीएमसी की गुंडागर्दी से तंग आ चुके हैं। यदि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो तो इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम अगले साल केएमसी और 2021 में विधानसभा चुनावों में हम जीतेंगे।”

          

           

Tags
Show More

Leave a Reply

 Click this button or press Ctrl+G to toggle between multilang and English

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button