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भाजपा नेताओं के बातचीत का ऑडियो वायरल

तृणमूल के उम्मीदवारों को खरीदने की कोशिश

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की विभिन्न ग्राम पंचायतों में बोर्ड गठन के बीच चल रही व्यापक हिंसक संघर्ष की घटना के दौरान एक ऐसा ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें भाजपा के दो शीर्ष नेता रुपये के बल पर तृणमूल के जीते हुए उम्मीदवारों को खरीदने की बात कर रहे हैं। इस ऑडियो के सामने आने के बाद राज्य में राजनीति गरमा गई है।  

तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर रुपये के बल पर लोगों को खरीदने का आरोप लगाया है जबकि भाजपा ने इसे फर्जी करार दिया है। यह बातचीत नदिया जिले के बीजेपी अध्यक्ष महादेव सरकार एवं भाजपा के कोषाध्यक्ष सावर धनानियां के बीच बताई जा रही है। सावर धनानिया और महादेव एक-दूसरे से एक बड़ी धनराशि का उल्लेख करते हुए कहते हैं कि इस रुपये से तृणमूल के हाथ से कई ग्राम पंचायतों को अपने कब्जे में लिया जा सकता है। इसमें इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष इस बारे में सब कुछ जानते हैं।

हालांकि इस बारे में पूछने पर गुरुवार को महादेव सरकार ने बताया कि पार्टी के कई नेताओं से बातचीत होती है। धनानिया से भी बातचीत होती है लेकिन इस तरह की कोई बात नहीं हुई है। सावर धनानिया ने भी महादेव सरकार से बातचीत की बात स्वीकारी है लेकिन उन्होंने कहा है कि इस तरह की कोई भी बात उन दोनों के बीच नहीं हुई है।

इस बारे में पूछने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि बाजार में कई तरह के फर्जी ऑडियो और वीडियो घूमते रहते हैं। इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। हालांकि इस ऑडियो के सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस हमलावर हो गई है। पार्टी महासचिव पार्थ चटर्जी ने गुरुवार को इस बारे में कहा कि भारतीय जनता पार्टी का यही चरित्र है। रुपया देकर वोट खरीदने की कोशिश कर रही है लेकिन रुपये से जनसमर्थन नहीं खरीदा जा सकता है। पार्थ ने यह भी कहा कि भाजपा के रुपये के सामने तृणमूल का कोई भी जीता हुआ उम्मीदवार आत्मसमर्पण नहीं करेगा।

नदिया जिले में तृणमूल और भाजपा के बीच कई ग्राम पंचायतों में बोर्ड गठन को लेकर संघर्ष चल रहा है। प्रत्यक्ष तौर पर तृणमूल के जीते हुए उम्मीदवारों को भाजपा अभी तक पार्टी में शामिल नहीं करा पाई है लेकिन बुधवार को गोड़ागाछा पंचायत में भाजपा ने बोर्ड गठन किया है। यहां तृणमूल के नाराज उम्मीदवारों का समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है।

इसके अलावा कृष्णगंज और शांतिपुर में भी भारतीय जनता पार्टी ने निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ लेकर बोर्ड गठन किया है। दावा किया जा रहा है कि नाराज तृणमूल उम्मीदवारों ने निर्दलीय प्रत्याशियों को समझा-बुझाकर भाजपा का समर्थन करने के लिए तैयार किया था जिसके बाद बोर्ड गठन संभव हो सका है। अब तृणमूल कांग्रेस की ओर से दावा किया जा रहा है कि इसी तरह से धनबल का इस्तेमाल करके भारतीय जनता पार्टी विभिन्न पंचायतों में बोर्ड गठन करने की कोशिश कर रही है। 

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