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ममता बनर्जी को मिला है सारदा चिटफंड घोटाले में सर्वाधिक लाभ : मुकुल रॉय

कोलकाता । भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सारदा चिटफंड घोटाले में सबसे अधिक लाभ मिला है। पार्टी मुख्यालय में  पत्रकार वार्ता में मुकुल रॉय ने कहा कि उन्होंने सारदा प्रमुख सुदीप्त सेन से केवल दो बार मुलाकात की है, वह भी ममता के कहने पर। 

रॉय ने कहा कि 2013 में जब सारदा प्रमुख की गिरफ्तारी और चिटफंड मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने विधाननगर के तत्कालीन आयुक्त और कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था, तब उसकी पूरी निगरानी खुद ममता बनर्जी करती थीं। वहां से क्या बरामद हुआ, क्या तथ्य सामने आए, सब कुछ ममता बनर्जी को रिपोर्ट जाती थी। उन्हीं के निर्देश पर तथ्यों से छेड़छाड़ होते थे। अगर मैं सारदा मामले में दोषी होता तो सीबीआई मुझसे पूछताछ करती। 

उन्होंने नारद स्टिंग मामले का जिक्र करते हुए कहा कि नारद मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए इस मामले में वे कुछ नहीं कहेंगे, लेकिन इतना जरूर कहना चाहूंगा कि मैंने तो इस मामले में एक रुपया भी नहीं लिया, लेकिन ममता ने उस फिरहाद हकीम को मंत्री के साथ-साथ कोलकाता का मेयर भी बनाया जिसने नारद मामले में सबसे अधिक रुपया लिया था। 

मुकुल रॉय ने सारदा मामले का जिक्र करते हुए कहा कि ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए ही सारदा समूह ने चैनल खोला, अखबार निकाला और हर वह काम किया जो ममता के पक्ष में माहौल बनाने लायक था। इसीलिए बार-बार कह रहा हूं कि अगर सारदा मामले से कोई सबसे ज्यादा लाभान्वित हुआ है तो वह ममता ही हैं। ममता बनर्जी के रेलमंत्री रहते हुए सारदा समूह द्वारा भारत भ्रमण का आयोजन होने का जिक्र करते हुए मुकुल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूल गई हैं कि जब वह रेलमंत्री थीं, तब सारदा समूह ने भारत तीर्थ रेल पत्र जारी किया था। मुकुल ने इसकी प्रति भी मीडिया में बांटी जिसमें ममता के रेलमंत्री रहते समूह की ओर से रेलवे की मदद से भारत भ्रमण का आयोजन किया गया था। 

राजद का चुनावी गीत ‘करे के बा, लड़े के बा, जीते के बा

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