Breaking Newsकोलकाता

माझेरहाट ब्रिज हादसाः दोषियों पर हो कार्रवाइ,सरकार भी बराबर की जिम्मेदार

कोलकाताः ९ सितंबर की शाम अचानक माझेरहाट का व्यस्तम ब्रिज का एक हिस्सा अचानक ढह गया. इस घटना की खबर फैलते ही महानगर सहित पूरे देश में खलबली मच गयी. इसका कारण यह है कि इसी प्रकार की घटना उत्तर कोलकाता के गणेश टाकीज में घटी थी. उस घटना यादें आज भी कोलकातावालियों के आखों में आज भी बसी हुई है. उस मौत के मंजर को जिसने देखा वह उसे आज तक नहीं भूल पाया है. इस घटना में गनिमत यह रही कि गणेश टाकीज की तरह लोगों की मृत्यु नहीं हुई. पर क्यों घट रही है इस प्रकार की घटना, इस प्रकार की घटनाआें के लिए जिम्मेदार कौन है. गणेश टाकीज ब्रिज के टूटने की घटना के बाद राज्य सरकार ने राज्य में मौजूद ब्रिज की स्थिति व उसके स्वास्थ्य की जांच के लिए कमिटी बनायी थी. कहा गया था कि यह कमिटी ही ब्रिजों का जायेगा लेकर उसके स्वस्थ्य होने का सर्टिफिकेट प्रदान करता है. इस घटना में  महानगर के लोगों की तरह तरह की प्रतिक्रिया सामने आयी जो इस प्रकार है ः-
 
राजीव जायसवाल (अध्यक्ष उत्तर कोलकाता सीपीडीआर)ः– इस प्रकार की कोई भी घटना दुखजनक है. इस प्रकार की घटनाआें के लिए कहीं न कहीं राज्य सरकार भी जिम्मेदार है.महानगर में ऐसे कई ब्रिज हैं तो वर्षों पहले बनी है. पर उन ब्रिजों के मरम्मत और उनके रखरखाव कार्य तो सरकार के अधीन विभिन्न विभागों को करना पड़ता है. एक उन विभागों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई है. सरकार द्वारा गठिक फिट सर्टिफिकेट देने वाले अधिकारियों पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि महज छह महीने पहले ही कमिटी के अधिकारी ने इस ब्रिज को फिट सर्टिफिकेट दिया था. ऐसे में लोगों की जवाबदेही होनी चाहिए. सरकार के विभागों को भी इसके लिए जिम्मेदारी लेनी होगी. राजनीतिक के उपर उठकर नियम बनाना होगा साथ ही गलती करने पर अनुशासत्मक कार्रवाई होनी चाहिए. राहत और बचाव कार्य की उन्होंने सराहना की है. 
 
शंभू पांडे (राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा शाखा नेशनल ह्यूमन राइट्स फेडरेशन)ः फेडरेशन के सभी सदस्यों की ओर से इस घटना पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि बार बार महानगर में इस प्रकार की घटना घट रही है. इसकी जांच होनी चाहिए. ताकि गणेष टाकीज और माझेरहाट जैसी घटनाएं न घटे सही समय में मरम्मत और देखभाल के अभाव के कारण यह ब्रिज गिरा. ब्रिज की पहले से मरम्मत हुई होती तो यह हाल नहीं होता. इस घटना को लिए प्रशासन व विभाग जिम्मेदार है. इस घटना के लिए मेट्रों पर आरोप लगाना गलत है. उन्होंन कहा कि मेट्र के कार्य शुरू करने के काऱण यह घटना नहीं घटी. काम शुरु करने के पहले समीक्षा तो अवश्य की होगी. इस मामले में जांच कमिटी गठित कर दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. 
 
अशोक शर्मा ( उद्योगपति)ः इस प्रकार की घटनाआें के लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार है. महानगर में कई ब्रिजें है जिनमें से कोई पीडब्ल्यूडी, रेलवे तो कोई पोर्ट ट्रस्ट के अंतर्गत है. दुघाटना के बाद सभी अपनी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेते हैं. अगर वे इस मामले में अनदेखी करने के स्थान पर इन ब्रिजों के मरम्मत कार्य में ध्यान दें तो इस प्रकार की घटनाएं नहीं घटेंगे. मेट्रो पर आरोप लगाने के विषय में उन्होंने कहा कि इस ब्रिज के गिरने से मेट्रो रेलवे के चल रहे कार्य का कोई लेना देना नहीं है. क्योंकि मेट्रो रेलवे में कार्य शुरु करने से पहले इसको लेकर सर्वेक्षण अवश्य किया होगा. सरकार को चाहिए कि वह जांच के लिए कमिटी तैयार करे. इस ब्रिज को फिट सर्टिफिकेट देने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करे.गणेश टाकीज में घटी घटना के बाद ऐसा लगा था कि सरकार उससे सबक लेगी पर सरकार ने ऐसा नहीं किया. 
 
अनिल शर्मा (समाजसेवी व युवानेता)ः– दुर्घटना के बाद इससे जुड़े सभी कर्मचारी व विभीग के आलाधिकारी या तो पल्ला झाड़ लेते हैं या फिर एक दूसरे पर दोषारोप करते हैं. पर वास्तव में देखा जाए तो इस प्रकार की घटना के लिए सरककार भी काफी हद तक जिम्मेदार है. सरकार को चाहिए कि इन सब के बारे में नियमित जानकारी लेते रहें पर ऐसा नहीं किया जाता. हादसा होने के बाद कार्रवाई की बात होती है. वर्ष भर सरकार व इससे संबंधित विभाग ध्यानपूवर्क अपनी जिम्मेदारी निभाए तो इस प्रकार की घटना नहीं घटेगी. उन्होंने दुर्घटना पर दुख जताते हुए इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. 
 
संदीप सिंह(अध्यक्ष ग्रेटर बड़ाबाजार वेलफेयर सोसाइटी)ः घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि ब्रिज पुराना था.अनदेखी के कारण ही यह घटना घटी है. गणेश टाकीज की घटना से सबक लेकर सरकार को गंभीरता से इस दिशा में ब्रिजों की मरम्मत करनी चाहिए थी. इस विषय में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. संबंधित विभाग को और सक्रिय होने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना दोबारा न घटे.   
Tags
Show More

Leave a Reply

 Click this button or press Ctrl+G to toggle between multilang and English

Your email address will not be published. Required fields are marked *