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मुकुल रॉय की वाई श्रेणी सुरक्षा पर हाई कोर्ट ने दी हरी झंडी

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कोलकाता। तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय को केंद्र सरकार की ओर से मिली वाई श्रेणी की सुरक्षा जारी रखने को कलकत्ता हाईकोर्ट ने आखिरकार हरी झंडी दे दी है। बिधाननगर के वार्ड नंबर 7 के तृणमूल कांग्रेस पार्षद देवराज चक्रवर्ती ने पिछले साल 24 नवंबर को इस बाबत एक जनहित याचिका दर्ज कराई थी।

उन्होंने सवाल उठाया था कि मुकुल रॉय वर्तमान में न तो सांसद हैं और न ही विधायक। किसी भी तरह से उन्होंने कोई चुनाव में भी जीत दर्ज नहीं की है। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने का कोई औचित्य नहीं है। उसके बाद मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ में मामले की सुनवाई चल रही थी।

पिछले साल 2 दिसंबर को खंडपीठ ने केंद्र सरकार से इस मामले में हलफनामा के जरिए जवाब मांगा था एवं पूछा था कि आखिर भारी रकम खर्च कर मुकुल रॉय को वाई श्रेणी की सुरक्षा क्यों दी जा रही है। केंद्र ने भी इस पर अपना जवाब कलकत्ता हाईकोर्ट में जमा करवा दिया था।

शुक्रवार को मामले की अंतिम सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश ने साफ किया कि मुकुल रॉय की जान का खतरा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा देकर सही किया है एवं यह जारी रहेगी। केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में उपस्थित अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल कौशिक चंद्र ने केंद्र के हलफनामे का उल्लेख करते हुए कहा था कि खुफिया रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि मुकुल रॉय को जान का खतरा है। उन्हें लगातार धमकियां भी मिल रही हैं‌।

सत्तारूढ़ पार्टी से नाता तोड़ने के बाद यह खतरा और अधिक बढ़ गया था। ऐसे में राज्य सरकार की सुरक्षा भी संतोषजनक नहीं था जिसके कारण मुकुल रॉय ने राज्य सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा को छोड़ दी थी। इसीलिए उन्हें केंद्रीय बलों द्वारा वाई श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है। याचिका लगाने वाले पार्षद के अधिवक्ता पार्थसारथी सेन गुप्ता ने कहा था कि मुकुल रॉय ने अपनी मर्जी से राज्य सरकार की सुरक्षा छोड़ी है।

वर्तमान में वह जिस पार्टी में हैं उसमें किसी बड़े पद पर भी नहीं हैं| न ही विधायक, मंत्री या सांसद हैं। ऐसे में उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा नहीं दी जा सकती। पूरी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने केंद्र सरकार की ओर से जमा करवाए गए हलफनामे को गौर से पढ़ा एवं कहा कि मुकुल रॉय की जान को खतरा है। ऐसे में उन्हें निश्चित तौर पर वाई श्रेणी की सुरक्षा दिया जाना सही कदम है।

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