Breaking Newsकोलकाता

मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद सुस्त थे अधिकारी

कोलकाता। माझेरहाट फ्लाईओवर के गिरने के बाद कोलकाता में मौजूद कई छोटे-बड़े ब्रिजों के स्वास्थ्य की हालत को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। विगत पांच जुलाई को ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में स्थित सभी फ्लाईओवरों की निगरानी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। इसके बाद मुख्य सचिव मलय दे ने सभी संबंधित विभागों के मुख्य इंजीनियरों से राजधानी कोलकाता के फ्लाईओवर का दौरा कर समीक्षा करने और वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। लेकिन इस पर ना तो सकारात्मक पहल की गई और ना ही अधिकारियों ने इस तरह की कोई भी रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को सौंपी। 
फ्लाईओवर गिरने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर कोलकाता के सभी फ्लाईओवरों का दौरा कर वास्तविक हालत की रिपोर्ट देने एवं आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसे लेकर कोलकाता नगर निगम के पूर्व डीजी दीपंकर सिंह ने अधिकारियों की सुस्ती पर सवाल उठाया है। उन्होंने बताया कि जब बड़ाबाजार में 2016 के 31 मार्च को निर्माणाधीन विवेकानंद फ्लाईओवर गिर गया था तब भी मुख्यमंत्री ने इसी तरह का निर्देश दिया था। इंजीनियरों की सर्वश्रेष्ठ संस्था ‘राइट्स’ के जरिए कोलकाता के सभी फ्लाईओवरों की समीक्षा कराई गई थी। 

उस समय यह जानकारी मिली थी कि विशेषज्ञों की टीम ने कोलकाता के अंदर 60 फ्लाईओवरों को खतरनाक घोषित किया था। इनमें से 30 की हालत अत्यंत खराब बताई गई थी एवं इन्हें तुरंत बंद कर पूरी तरह से मरम्मत का सुझाव दिया गया था। घटना के दो साल बीत जाने के बाद भी इस तरह का कोई भी कदम ना तो संबंधित पौर विभाग ने उठाया है और ना ही नगर निगम या कोलकाता मेट्रो डेवलपमेंट अथॉरिटी ने।

तो क्या जानबूझकर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है? उन्होंने पूछा की जिन फ्लाईओवरों को अति खतरनाक घोषित किया गया था उनकी मरम्मत के लिए संबंधित विभागों ने क्या कुछ किया है, इस बारे में रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।

हर बार बड़ी दुर्घटनाओं के बाद संबंधित विभाग सक्रिय होता है एवं नए सिरे से सभी फ्लाईओवरों की मरम्मत और निगरानी की बात कही जाती है लेकिन लोगों की मौत के बाद अधिकारी सुस्त होकर बैठ जाते हैं एवं बार-बार इस तरह की दुर्घटनाओं से दो चार होना पड़ता है। 

Tags
Show More

Leave a Reply

 Click this button or press Ctrl+G to toggle between multilang and English

Your email address will not be published. Required fields are marked *