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योगी मर्यादा न सिखायें, अपने वचन का पालन करें – प्रवीण भाई तोगड़िया

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लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के संरक्षक प्रवीण भाई तोगड़िया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मर्यादा में रहने वाले बयान पर पलटवार किया है। तोगड़िया ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार मर्यादा ना सिखायें, पहले जनता को दिये अपने वचन का पालन करें। वे मंगलवार को वीवीआईपी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। 

विश्व हिन्दू परिषद से अलग अपना संगठन बनाने वाले प्रवीण भाई तोगड़िया ने सख्त रूख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए कहा कि 1984 के प्रथम धर्म संसद से लेकर आज तक एक ही मांग है, वह है श्रीराममंदिर निर्माण की। 

धर्म संसद में मुख्यमंत्री योगी के गुरू महंथ अवैद्यनाथ और गुरू परमहंस जी महाराज ने श्री राम मंदिर बनाने के लिए संकल्प कराया था। महंथ अवैद्यनाथ हमारे भी गुरू हैं और योगी के भी, वे अपने गुरू के बताये रास्ते पर ही चल रहे हैं। 

श्री तोगड़िया ने कहा कि अयोध्या में जाकर योगी आदित्यनाथ मर्यादा का पाठ पढ़ा आये। लेकिन वे भूल गये कि भाजपा ने अपने हर घोषणा पत्र में श्रीराम मंदिर बनवाने की बात कही है। इस पार्टी ने राम मंदिर निर्माण का वचन दिया है, लेकिन दुर्भाग्य है कि आज उनका नेतृत्व इससे मुकर रहा है। 

तोगड़िया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के नारे पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद का नारा है ‘हिन्दूओं का साथ-हिन्दूओं का विकास’। देश का जो हिन्दू मजदूर, किसान, नौजवान और देशभक्त हैं उसका विकास हो। हिन्दूओं का विकास किये बिना सबका विकास हो ही नहीं सकता। 
अयोध्या में जाकर वहां के लोगों के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाने का काम करेंगे। इसके लिए मांग पत्र बनाया गया है। उनका लक्ष्य राममंदिर के निर्माण के लिए अयोध्या के लोगों के साथ 20 करोड़ लोगों का हस्ताक्षर कराना है। इसके लिए मांग पत्र में हर वर्ग के हिन्दूओं के लिए मांगें रखी गयी हैं।

उन्होंने कहा कि 2019 में हिन्दूओं की ही सरकार बनेगी। जिसका असर अक्टूबर माह से दिखने लगेगा। उनका सम्बन्ध हर हिन्दूओं से है लेकिन अगली सरकार छद्म हिन्दूओं की नहीं बनने जा रही। भाजपा के लोगों का दिल्ली में अपना बड़ा मकान बन गया, लेकिन रामलला टाटपट्टी से अपने घर तक नहीं आ सके। चार साल बीत गये और संसद में कानून नहीं बन सका। मेरे बड़े भाई मोदी विदेश ही घूमते रह गये। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2014 में लाये थे कि ये नेता राम मंदिर का निर्माण करायेगा लेकिन अब वे कश्मीर में रमजान की चिंता करने लगे हैं। उनका लक्ष्य राम मंदिर का निर्माण है तो ज्ञानवापी मस्जिद के स्थान पर महादेव के मंदिर का। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि वसीम रिजवी और बुक्कल नवाब की उन्हें जरूरत नहीं है और ना ही उनकी कभी जरूरत थी। ऐसे लोगों से वह दूर ही रहते हैं। 

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