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राहुल गांधी ममता को भी पीएम उम्मीदवार बनाने को तैयार

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा को हराने, प्रधानमंत्री मोदी को हटाने के लिए कमर कस ली है। इसके लिए कांग्रेस महागठबंधन से किसी को भी प्रधानमंत्री पद का उम्मीद बनाने के लिए तैयार है। पार्टी के अनुसार महागठबंधन से भले ही ममता बनर्जी जो अब तक राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार स्वीकार नहीं कर पा रही हैं। पार्टी उन्हें भी इस पद का दावेदार बना सकती है। 

दरअसल महिला सशक्तिकरण को लेकर एक ओर जहां कांग्रेस लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को जोर-शोर से उठाकर इसका श्रेय लेने के लिए प्रयासरत है वहीं दिल्ली में करीब 100 महिला पत्रकारों से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में महिला प्रधानमंत्री को समर्थन को लेकर कांग्रेस का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘मोदी की भाजपा को हराने के लिए माया-ममता सब मंजूर’।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार महागठबंधन में जो भी नेता या दल भाजपा को हराने की ताकत रखता होगा पार्टी उसके लिए समर्थन दे देगी। हालांकि बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की नेता मायावती और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अध्यक्ष ममता बनर्जी से आ रही दिक्कतों को लेकर राहुल गांधी ने कुछ स्पष्ट संकेत नहीं दिये लेकिन राहुल गांधी इस बात के लिए तैयार दिखे कि एक महिला अगर प्रधानमंत्री मोदी को हरा सकती है तो उसके लिए अपनी दावेदारी छोड़ सकते हैं। 

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में रविवार को कांग्रेस कार्यसमिति की पहली बैठक के बाद पार्टी ने कहा था कि उसकी ओर से राहुल गांधी 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री का चेहरा होंगे। लेकिन दो दिन बाद ही राहुल के नाम पर विपक्षी दलों की ओर रहे विरोध को देखते हुए पार्टी इस ओर विचार कर रही है। 

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने  विशेष बातचीत में कहा, ‘कांग्रेस ‘दक्षिणपंथ या वामपंथ’ में नहीं बल्कि उदारवाद और व्यावहारिकता में यकीन करती है। इसलिए परिस्थितियों के अनुसार विचारों में परिवर्तन आ सकता है। 

उन्होंने कहा कि आज देश में नफरत और घृणा का माहौल है जिसके चलते हर वर्ग आक्रोशित है और ये आक्रोश ही नेता बनाता है। 2014 चुनावों में क्या हुआ था, भ्रष्टाचार को लेकर झूठ फैलाया गया। अन्ना, रामदेव के आंदोलन हुए जिससे नरेन्द्र मोदी नेता बने और उन्होंने झूठ के ऐसे सब्जबाग दिखाये जो उनके लिए ही आज मुसीबत बन गये हैं| न कालाधन आया, न किसानों की आय बढ़ी। भाजपा का 2014 का घोषणा पत्र ही आज उनकी सच्चाई को बयान करता है।  

2019 को लेकर कांग्रेस नेता का कहना है कि नि:संदेह इसमें क्षेत्रीय दलों की अहम भूमिका होगी लेकिन प्रधानमंत्री सबसे बड़े दल का नेता ही बनेगा और उसको लेकर सामंजस्य उस वक्त बनाया जाएगा। कांग्रेस को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) समर्थित व्यक्ति को छोड़कर किसी को भी प्रधानमंत्री के रुप में देखने में कोई आपत्ति नहीं होगी। 

 

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