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विविधता में एकता ही भारत की पहचान : मुख्यमंत्री

कोलकाता। विश्व सांस्कृतिक विविधता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि भारत की पहचान इसकी विविधता में एकता है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री ने इस बारे में ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि आज आज विश्व संवाद और विकास के लिए सांस्कृतिक विविधता का दिन है।

विविधता में एकता भारत के विचार के मूल में है। हालांकि कुछ वर्गों ने एकता के नाम पर एकरूपता लाने की कोशिश की है, आइए हम सभी अपने महान राष्ट्र की विविधता का जश्न मनाएं। विश्व सांस्कृतिक विविधता दिवस को संवाद और विकास के लिए सांस्कृतिक विविधता का विश्व दिवस भी लिखा जाता है।

भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत विश्व के लिए सभ्यता का धरोहर भी है। भारतीय संस्कृति विश्व की अमूल्य धरोहर भी है। भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत इसकी 5000 वर्ष पुरानी संस्कृति एवं सभ्यता से आरंभ होती है। सभ्यता के चार मुख्य उद्गम केंद्र पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ने पर, चीन, भारत, फर्टाइल क्रीसेंट तथा भूमध्य सागरीय प्रदेश, विशेषकर यूनान और रोम हैं, भारत को इसका सर्वाधिक श्रेय जाता है क्योंकि इसने एशिया महादेश के अधिकांश प्रदेशों के सांस्कृतिक जीवन पर अपना गहरा प्रभाव डाला है।

इसने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से विश्व के अन्य भागों पर भी अपनी संस्कृति की गहरी छाप छोड़ी है।

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