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हार पर मंथन के लिए ममता बनर्जी ने बुलाई बैठक

कोलकाता। लोकसभा चुनाव में हार के कारणों पर मंथन के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है। यह बैठक शनिवार को मुख्यमंत्री के काली घाटी स्थित आवास पर होगी। बैठक में उन सभी जिलों के शीर्ष नेताओं को विशेष तौर पर उपस्थित होने के लिए कहा गया है जहां की सीटों पर तृणमूल कांग्रेस की हार हुई है।

लोकसभा चुनाव में टीएमसी को कुल 22 सीटें मिली हैं। पार्टी को पिछले लोकसभा चुनाव में 34 सीटें हासिल हुई थीं, जिसके मुकाबले इस बार 12 सीटों का नुकसान हुआ है। ममता बनर्जी चुनाव के दौरान लगातार राज्य की सभी 42 सीटें  जीतने का दावा करती रहीं हैं। ऐसे में टीएमसी को तगड़ा झटका लगा है।

बैठक में मेदिनीपुर जिले के पार्टी नेताओं को विशेष तौर पर उपस्थित रहने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि मेदिनिपुर में चुनाव प्रबंधन  का दायित्व  राज्य के परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी को सौंपा गया था। शुभेंदु अधिकारी का जनाधार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद सबसे बड़ा माना जाता है, लेकिन उनके प्रभार वाले क्षेत्र मेदनीपुर में 2016 के विधानसभा चुनाव  में खड़गपुर सदर सीट से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने जीत दर्ज की थी। उसके बाद पंचायत चुनाव में भी भाजपा को भारी बढ़त मिली थी और अब लोकसभा चुनाव में भी भाजपा यहां से जीत दर्ज करने में सफल रही है। इसलिए मुख्यमंत्री यहां के नेतृत्व की रणनीति से असंतुष्ट हैं।

वर्ष 2018 में जब राज्य में पंचायत के चुनाव हुए थे तब जंगलमहल, झाड़ग्राम और पुरुलिया के आदिवासी बहुल इलाके में टीएमसी को शिकस्त मिली थी। लोकसभा चुनाव में भी पार्टी की यही दशा रही है। हालांकि 2018 के बाद से लेकर 2019 के लोकसभा चुनाव तक ममता बनर्जी की सरकार ने आदिवासियों को लुभाने के लिए कई बड़ी परियोजनाएं शुरू की थी। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सड़क, स्कूल, अस्पताल, जलापूर्ति समेत आदिवासी भाषाओं को मान्यता और क्षेत्रीय भाषाओं के लिए विकास बोर्ड भी गठित किया गया, लेकिन ममता की तमाम कोशिशें नाकाफी साबित हुई और उत्तर बंगाल में भाजपा का कमल खिल गया।

 बैठक में  राज्य के शिक्षा मंत्री और पार्टी के महासचिव पार्थ चटर्जी, शहरी विकास मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम, बांकुड़ा लोकसभा सीट से चुनाव हारने वाले ममता कैबिनेट में मंत्री सुब्रत मुखर्जी, पार्टी के महासचिव सुब्रत बख्शी समेत अन्य शीर्ष नेता शामिल होंगे।

 मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल युवा के अध्यक्ष अभिषेक बनर्जी के साथ-साथ पार्टी की युवा, छात्र और महिला मोर्चा के प्रभारियों को भी बुलाया गया है। बताया गया है कि राज्य में तेजी से मजबूत हुई भाजपा को रोकने की रणनीति पर बैठक में चर्चा होगी। आगामी 2020 में राज्य भर में होने वाले नगर पालिका चुनाव और 2021 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से भी रणनीति बनाई जाएगी। 

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