Breaking Newsधार्मिक खबरें

19 नवंबर को है देवउठनी एकादशी

मांगलिक कार्यों की होगी शुरूआत

हिंदू शास्त्रों में देवशयनी एकादशी के दिन देव शयन करते हैं इसके साथ ही मांगलिक कार्यों पर भी विराम लग जाता है और जब देवउठनी एकादशी आती है इस दिन देव जागते है तो फिर से मांगलिक कार्यों की शुरूआत होती है।

इस बार 19 नवंबर के दिन देवउठनी एकादशी है, इस दिन से मांगलिक काम फिर से शुरू हो जाएंगे। देवशयनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन को स्वयंसिद्ध अबूझ सावा होने के कारण इस दिन बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह भी कराएं जाते हैं।

इस बार विवाह के शुभ मुहूर्त नवंबर और दिसंबर में ज्यादा नहीं हैं क्योंकि 13 नवंबर को गुरु अस्त हो गये है जो 7 दिसंबर तक अस्त रहेंगे। गुरु के अस्त होने पर शास्त्रों में माना जाता है उस समय में कोई भी मांगलिक काम नहीं किया जाता है। इसके साथ ही गुरु अस्त होने से 3 दिन पहले गुरुत्व दोष भी शुरू हो जाता है और ये उदय होने के 3 दिन बाद तक रहता है।

गुरू के अस्त होने पर मांगलिक काम करना शुभ नहीं माना जाता है इस बार दस नवंबर से 10 दिसंबर तक मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन संस्कार आदि नहीं होगा। वहीं देव उठनी एकादशी पर देव जागते हैं तो इस कारण से यह दिन बहुत महत्व रखता है। इसी वजह से बिना मुहूर्त के भी इस दिन कोई भी मांगलिक कार्य किया जा सकता है। इस दिन किसी भी काम को करने के लिए पंडित से पूछा नहीं जाता है। यह दिन विशेष शुभ माना जाता है।

Show More

Leave a Reply

 Click this button or press Ctrl+G to toggle between multilang and English

Your email address will not be published. Required fields are marked *