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बराहनगर-बैरकपुर रुट में मेट्रो परियोजना में देरी से पीएम मोदी चिंतित 

कोलकाताः जमीन की जटिलताआें के कारण काफी दिनोंं से बराहनगर-बैरकपुर रुट  में मेट्रो परियोजना कार्य लटका पड़ा है. इस प्रकार से काफी दिनों से रुके कार्य को लेकर रेलवे बोर्ड क्षुब्ध है. इस बार रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने राज्य के मुख्य सचिव को कड़ी भाषा में चिट्ठी लिखी है. मुख्य सचिव मलय कुमार दे को लिखे उस चिट्ठी में बराहनगर-बैरकपुर रुट में जल्द से जल्द मेट्रो का कार्य शुरू करने के लिए हस्तक्षेप करने की भी बात कही गयी है.  चिट्ठी में साफ लिखा है कि राज्य का मांग को स्वीकार करते हुए कल्याणी एक्सप्रेसवे के बराबर मेट्रो लाइन बिछाना संभव नहीं है.
 
बीटी रोड बराबर ही रेलवे लाइन बिछायी जायेगी. क्योंकि राज्य का प्रस्ताव मानने पर मेट्रो को काफी नुकसान का सामना करना पड़ेगा. कोलकाता निगम बनाम रेल बोर्ड के बीच चल रही खींचतान के कारण काफी दिनों से बरानगर-बैरकपुर मेट्रो का कार्य बंद पड़ा है. रेलवे बोर्ड का आरोप है कि मौखिक हस्ताक्षर करने के बाद भी निगम इसका विरोध कर रही है. जिसके कारण परियोजना के लिए रुपये मंजूर होने के बाद भी कार्य शुरू नहीं किया जा रहा है. निगम के असहयोगिता के कारण ही टेंडर नहीं बुलाया जा रहा है. पलता से टाला तक बीटी रोड के नीचे से कुल पांच पानी की लाइनें गुजरी हैं. इस पाईप लाइन को लेकर ही रेलवे बोर्ड के साथ विवाद शुरू हुआ.
 
निगम की ओर से कहा गया कि 64 इंच पाईप लाइन बैठाने के बाद ही मेट्रो के कार्य को शुरू कर पाना संभव होगा.  वह पाइप लाइन बैठाने का कार्य समाप्त हो गया है. परंतु अब कोलकाता नगर निगम अलग मांग कर रहा है. निगम का कहना है कि रेल लाइन बिछाने के साथ साथ स्टेशन के निर्माण के लिए रेलवे को पिलर लगाना होगा. पिलर बैठाने पर नया पाइप लाइन सहित अन्य पाइप भी क्षतिग्रस्त हो सकती है. जिसके परिणाम निगम की आपत्ति के कारण बंद पड़ा है. हालांकि निगम की इस आशंका को रेल बोर्ड महत्व नहीं दे रही है. चिट्ठी में कहा गया है कि तुरंत इस परियोजना का कार्य शुरू किया जाए यह खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चाहते हैं. सूत्रों से मुकाबिक रेल बोर्ड चेयरमैन की चिट्ठी का जबाव अभी भी मुख्यसचिव ने नहीं दिया है. 
 

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