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भाजपा की रथ यात्रा को हाईकोर्ट की ना, सरकार पक्ष के वकील ने इस मामले पर क्या कहा

कोलकाताः कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कूचबिहार में भाजपा को रथयात्रा निकालने की अनुमति देने से इंकार कर दिया किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 9 जनवरी को होगी। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में ‘रथ यात्रा’ निकालने की अनुमति के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय की शरण ली है।
 
पार्टी के मुताबिक राज्य में सात दिसंबर से तीन रैलियां निकालने के लिए उसे प्रशासन और पुलिस से अभी तक अनुमति नहीं मिली है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई गुरुवार रखी थी। 
 
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार को राज्य में तीन ‘रथ यात्रा’ के साथ पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। न्यायाधीश तपब्रत चक्रवर्ती की पीठ के समक्ष भाजपा ने दावा किया था कि डीजी-आईजीपी और गृह सचिव को तीन रैलियां निकालने की अनुमति प्राप्त करने के लिए कई पत्र भेजे गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
 
वहीं महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत को बताया था कि डीजी-आईजीपी या गृह सचिव रैलियों की अनुमति देने के लिए सक्षम अधिकारी नहीं है और एक राजनीतिक दल होने के नाते भाजपा को यह पता होना चाहिए। दत्ता ने बृहस्पतिवार तक का समय मांगते हुए अदालत को बताया था कि तीनों रैलियों के लिए भारी सुरक्षा इंतजाम की जरूरत है। इसके लिए राज्य सरकार से दिशानिर्देश लेने होंगे। 
 
सरकार पक्ष के वकील अर्घ्य कुमार नाग ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि इतना बड़ा कार्यक्रम के लिए पर्याप्त सूचना और तैयारियां नहीं है, इसके साथ ही आईबी, पुलिस की रिपोर्ट में भी इस रथयात्रा को लेकर आपत्ति जताई गयी है. रथयात्रा से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है ऐसी भी आशंका जताई गयी है. इस  के लिए पहले से तैरियां करनी पड़ती है पर समय काफी कम होने के कारण तैयारियों को पूरा कर पाना संभव नहीं.इस सब का हवाला देते हुए अदालत ने डिटेल तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट बी पेश करने को कहा है. 
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