Breaking Newsकोलकाता

पार्टी का निर्देश मानकर ही चलूंगा : मुकुल राय

कोलकाता। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और एक दौर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक चाणक्य रहे मुकुल राय ने मंगलवार को कहा है कि भाजपा जो भी निर्देश देगी उसे सिर आंखों पर रखकर वह काम करेंगे। पूर्व में उनके द्वारा दिल्ली ले जाकर भाजपा में शामिल कराए गए पार्षदों के वापस तृणमूल में जाने के बाद पार्टी नेतृत्व की सख्ती के बारे में उनका यह बयान आया है।

दरअसल लोकसभा चुनाव में पार्टी की सांगठनिक जिम्मेवारी पूरी तरह से मुकुल राय को सौंप दी गई थी। इसके बाद राज्य में पार्टी ने 42 में से 18 सीटें जीतकर परचम लहराया है। 

इससे एक तरफ मुकुल राय अजेय रणनीतिकार बनकर उभरे थे तो दूसरी तरफ उनके तृणमूल के पुराने साथियों ने दल बनाकर भाजपा का दामन थामना शुरू कर दिया था। इस बीच मुकुल ने अपने साथ कचरा पड़ा और खाली शहर के पार्षदों को दिल्ली ले जाकर भाजपा का दामन थमाया था। अब ये सारे पार्षद वापस तृणमूल में चले गए हैं, जिससे पार्टी की किरकिरी हुई है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने सभी पार्षदों को वापस तृणमूल कांग्रेस का झंडा थमाया है और मुकुल राय पर तीखा हमला भी बोला है। इसके अलावा बीरभूम के लाभपुर से विधायक मनीरूल इस्लाम भी मुकुल राय का हाथ पकड़कर दिल्ली गए थे और वहीं पर भाजपा का दामन थाम लिया था।

मनीरूल काफी विवादित नेता हैं और उनके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, दुष्कर्म, धमकी, रंगदीरी जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। यहां तक कि भाजपा के कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतारने के आरोप भी उन पर लगते रहे हैं। इसके बावजूद मुकुल राय ने उन्हें दिल्ली ले जाकर भाजपा का झंडा थमाया था। अब जब मुकुल के हाथों सदस्यता ग्रहण करने वाले पार्षद वापस तृणमूल में चले गए हैं तो इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया गया है।

प्रदेश भाजपा नेतृत्व को चेतावनी दी गई है कि पार्टी में जिन लोगों को भी शामिल कराया जा रहा है, उन्हें जांच परख कर शामिल कराया जाए। इसके बाद पार्टी के सांगठनिक महासचिव सुब्रत चटर्जी ने सोमवार को ही साफ कर दिया है कि अब सत्तारूढ़ पार्टी अथवा किसी भी अन्य पार्टी का बंगाल का कोई भी बड़ा से बड़ा नेता या कार्यकर्ता दिल्ली जाकर सदस्यता नहीं लेगा। उसे प्रदेश भाजपा मुख्यालय में ही पार्टी की सदस्यता दी जाएगी।

राज्य स्तर के शीर्ष नेता होने पर उनकी सदस्यता के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष की अनुमति लेनी होगी जबकि जिला स्तर के नेताओं को भाजपा के जिलाध्यक्ष की अनुमति लेकर ही पार्टी में शामिल कराया जा सकता है।इसके बाद मुकुल राय के बयान का इंतजार किया जा रहा था।

दरअसल लोकसभा चुनाव के पहले या लोकसभा चुनाव के बाद जितने भी पार्षद, विधायक अथवा अन्य नेताओं ने तृणमूल छोड़कर भाजपा का दामन थामा है, उन सभी को मुकुल ने ही भाजपा में शामिल कराया था। माना जा रहा था कि राय कई मामले में भाजपा के प्रदेश नेतृत्व को दरकिनार कर सीधे दिल्ली के नेतृत्व से संपर्क कर रखे थे और नेताओं को दिल्ली ले जाकर पार्टी में शामिल करवा रहे थे।

अब जब सुब्रत चटर्जी ने ठोस निर्देश दे दिया है तब मंगलवार को मुकुल ने इस पर अपना रुख साफ किया है। मंगलवार को हवाई अड्डे पर उन्होंने मीडिया से बात की। मुकुल राय ने कहा कि पार्टी का निर्देश उनके लिए सिर आंखों पर रखने वाली बात है। वह पार्टी लाइन से अलग हटकर कोई भी कदम नहीं उठाएंगे।

Tags
Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button