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प्रभु राम के लिए न्याय प्रणाली पर भरोसा रखें : प्रधानमंत्री

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राममंदिर मुद्दे पर अनाप-शनाप बयानबाजी करने वालों को कड़ी नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर लोगों को सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा रखना चाहिए। देश के सभी नागरिकों का सुप्रीम कोर्ट के प्रति सम्मान बहुत आवश्यक होता है। जब राममंदिर का मामला सुप्रीम कोर्ट में है और कोर्ट पूरा समय निकालकर इसकी सुनवाई कर रहा है तो फिर ये बयान बहादुर कहां से टपक गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे नाशिक की पवित्र धरती से बयान बहादुर लोगों से विनती करते हैं कि प्रभु राम के लिए आंख बंद करके सिर्फ और सिर्फ देश की न्याय प्रणाली पर भरोसा रखें।

प्रधानमंत्री मोदी नाशिक के तपोवन मैदान में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की महाजनादेश यात्रा के तीसरे चरण के समापन के अवसर पर गुरुवार को आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा किदेश में मजबूत सरकार बनने के बाद 100 दिन में मजबूत निर्णय लिये गए हैं।

यह सभी निर्णय सरकार के आगामी पांच वर्षों के काम की झांकी हैं। हमारी सरकार ने अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी बनाया है। यह फैसला जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लोगों को हिंसा से मुक्ति दिलाने के लिए लिया गया है। यह लोग दिल्ली की गलत नीतियों का खामियाजा भुगत रहे थे।

दिल्ली की गलत नीतियों की वजह से जम्मू-कश्मीर की धरती रक्तरंजित हो उठी थी। हमें नया कश्मीर बनाना है। कश्मीर को स्वर्ग बनाना है। कश्मीर को मरहम लगाना है। जम्मू-कश्मीर के बारे में लिए गए निर्णय का स्वागत देश की 130 करोड़ जनता ने किया, लेकिन शरद पवार व कुछ अन्य नेता इस पर भी राजनीति करना चाह रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 को लेकरकांग्रेस और राकांपा के वरिष्ठ नेताओं को जिस तरह का बर्ताव करना चाहिए था, वे वैसा नहीं कर रहे। विपक्ष का ऐसा रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है।

विपक्ष के नाते वे सरकार की आलोचना करें। यह उनका अधिकार है, लेकिन ऐसी बातें करना जो आतंकवादियों के लिए हथियार बन जाए, विदेशों में उनके बयानों के आधार पर भारत पर हमला हो, ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कंफ्यूजन तो समझा जा सकता है, लेकिन शरद पवार जैसे अनुभवी नेता भी वोट के लिए अनर्गल बयानबाजी करने लगें तो दुख होता है। शरद पवार को पड़ोसी देश अच्छा लगता है। यह उनकी मर्जी। वहां के शासक प्रशासक उन्हें कल्याणकारी लगते हैं। मगर यह पूरा महाराष्ट्र जानता है कि आतंकवाद की फैक्ट्री कहां पर है?

 

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