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बंगाल में व्याप्त भ्रम दूर करने के लिए भाजपा ने बनाई रणनीति

 कोलकाता। असम की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू होने को लेकर फैलाये जा रहे अफवाहों के चलते उत्पन्न  भ्रम और डर की स्थिति के बीच भाजपा ने गैर मुस्लिम शरणार्थियों की चिंताएं दूर करने के लिए बड़ी रणनीति बनाई है। खबर है कि शरणार्थियों के बीच विश्वास बहाल करने के लिए पार्टी की महिला इकाई ऐसे तमाम समुदाय के लोगों से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त करने का प्रयास करेगी।   

इसकी पुष्टि करते हुए भाजपा की पश्चिम बंगाल महिला मोर्चा इकाई की अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी ने कहा कि बंगाल के लोगों को मुख्यमंत्री और उनकी सरकार भ्रमित कर रही है कि अगर बंगाल में एनआरसी लागू होगा तो यहां बांग्लादेश या दूसरे देशों से  आए हिन्दुओं को बाहर निकाल दिया जाएगा। 

जबकि गृह मंत्री ने कहा है कि देश में रहने वाले सभी हिन्दू शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी टीम बंगाल के सभी जगह जाएगी और जो बाहरी देशों से हमारे देश में आए थे, उन सभी हिन्दुओ को नागरिकता  का भरोसा दिलाएगी। लाकेट ने कहा कि  गैर मुस्लिम शरणार्थियों की समस्याओं को लेकर  एक चिट्ठी तैयार की जाएगी जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजकर शीतकालीन सत्र के दौरान “संशोधित नागरिक विधेयक 2016” को हर हाल में पारित कराने का अनुरोध किया जाएगा। 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो इससे पश्चिम बंगाल समेत देशभर में रहने वाले गैर मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता मिल जाएगी 

दरअसल पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू होने को लेकर दहशत का माहौल बन रहा है। इसकी वजह से कोलकाता समेत राज्य भर की तमाम नगर पालिकाओं में ऐसे लोगों की लंबी कतार लग रही है जो अपनी नागरिकता प्रमाण पत्र बनवाना चाहते हैं। उधर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समय-समय पर कहती रही हैं कि असम एनआरसी की अंतिम सूची से जिन 19 लाख लोगों को बाहर किया गया है उनमें 12 लाख हिंदू आदिवासी और अन्य जनजाति समुदाय के लोग हैं।

बंगाल में भी ऐसे ही लोगों को भाजपा नागरिकता से वंचित करने की साजिश रच रही है। इस तरह के दावे राज्य में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों के में दहशत की वजह बन रहा है। अगले साल होने वाले नगरपालिका तथा उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान यह भ्रम भाजपा के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है इसीलिए यह रणनीति बनाई गई है। 

बताया गया है कि पार्टी की ओर से आगामी एक नवंबर से इस अभियान की शुरुआत हो जाएगी। इसके तहत  एक करोड़ गैर मुस्लिम शरणार्थियों से मिलने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य के लिए महिला मोर्चा को 25 लाख घरों तक पहुंचने का टारगेट दिया गया है।  

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