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लॉकडाउन शिथिल होते ही बंगाल में उड़ रही शारीरिक दूरी की धज्जियां

कोलकाता। कोरोना वायरस महामारी से बचाव के लिए किए गए लॉकडाउन के बाद अब हालात सामान्य करने के लिए अनलॉक के पहले चरण की शुरुआत के साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अधिकतर हिस्से में पाबंदियों को पूरी तरह से शिथिल कर दिया है। अब जैसे ही अनलॉक की शुरुआत हुई है, बंगाल में कोरोनावायरस से बचाव के लिए मौजूदा प्रावधानों की धड़ल्ले से धज्जियां उड़ रही हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशानुसार सोमवार से अधिकतर धार्मिक स्थल खोल दिए गए हैं। निजी और सरकारी प्रतिष्ठान भी खुले हैं और लोग अपने अपने पेशेवर कार्यों में भी लौटने लगे हैं। सोमवार को तो कम लेकिन मंगलवार सुबह से ही सड़कों पर भारी भीड़ है। अधिक संख्या में गाड़ियां भी चल रही हैं और लोग शारीरिक दूरी का कोई ख्याल नहीं रख रहे।

 

बाजारों में तो भारी संख्या में लोग एक साथ निकल आए हैं और एक दूसरे से सटकर खरीदारी कर रहे हैं। विक्रेता भी शारीरिक दूरी का ख्याल नहीं रख रहे। मास्क, ग्लब्स, सैनेटाइजर आदि तो लगभग दिख ही नहीं रहे हैं। हालांकि राजधानी कोलकाता के अधिकतर क्षेत्रों में लोगों ने मास्क पहन रखा है लेकिन राज्य के बाकी हिस्सों यानी हावड़ा, हुगली, आसनसोल आदि क्षेत्रों में लोगों ने संक्रमण से बचाव के प्रावधानों को बिल्कुल पीछे छोड़ दिया है।

सड़कों पर न केवल बड़ी संख्या में निजी वाहन हैं बल्कि ऑटो और रिक्शा भी चल रहे हैं। लोग, सायकल, बाइक, पैदल आदि जरिए से भी विभिन्न क्षेत्रों में निकल रहे हैं। दरअसल राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 6000 के करीब पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब अनलॉक की शुरुआत करने की घोषणा की थी तब कहा था कि ऐसे समय में लोगों को और अधिक सतर्क रहना होगा क्योंकि जैसे ही बाजार, दुकान आदि खुलेंगे, बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलेंगे।

ऐसे समय में शारीरिक दूरी और संक्रमण से बचाव के लिए मास्क आदि का इस्तेमाल और अधिक सतर्कता से करना होगा लेकिन बंगाल में लोग इसे और अधिक धत्ता बता रहे हैं, जिससे संक्रमण के और अधिक फैलने का खतरा बरकरार हो गया है।

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