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सात घंटे पूछताछ के बाद स्वामी चिन्मयानन्द नजरबन्द

शाहजहांपुर। एलएलम छात्रा से यौन शोषण प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने स्वामी चिन्मयानंद से पूछताछ की। इसके बाद उन्हें नजरबंद करके दिव्य धाम का एक बेडरूम भी सील कर दिया है। एसआईटी की टीम फॉरेंसिक टीम के साथ शुक्रवार को कमरे की जांच कर सकती है, जिसके मद्देनजर आश्रम की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।छात्रा यौन शोषण प्रकरण में फंसे पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद से  एसआईटी की टीम ने पुलिस लाइन स्थित अस्थाई कार्यालय में पूछताछ की थी। एसआईटी प्रभारी आइजी नवीन अरोड़ा व उनकी टीम के सदस्यों ने स्वामी से कई सवाल पूछे। 

प्राथमिक सवालों में वह छात्रा को कब से और कैसे जानते हैं, परिवार के बारे में क्या जानकारी है और पांच करोड़ रुपये की रंगदारी समेत अन्य सवाल पूछे। यह पूछताछ देर रात एक बजे तक चली। इसके बाद उनके बेडरूम को सील कर दिया गया है। इससे पहले एसआईटी ने स्वामी चिन्मयानंद के दोनों कॉलेजों के प्राचार्यों व अन्य करीबियों से तकरीबन सात घंटे तक पूछताछ की थी। छात्रा की ओर से लगाए गए दुष्कर्म के आरोप और हॉस्टल के कमरे में साक्ष्यों से छेड़छाड़ संबंधी आरोपों को लेकर स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि उन पर लगाये गये सभी आरोप निराधार हैं। इससे उनकी व मुमुक्षु संकुल की छवि खराब हो रही है।

हॉस्टल के कमरे से नहीं मिला छात्रा का चश्मा, रिकॉर्डर और पर्स

एसआईटी ने मंगलवार को हॉस्टल में लड़की के कमरे की जांच की थी।इस दौरान वहां छात्रा का चश्मा, रिकॉर्डर और पर्स नहीं मिला। इसके बाद पिता ने आरोप लगाया था कि कमरे में रखा उनकी बेटी का पर्स, उसमें रखी चिप, गद्दा और चादर के अलावा वह चश्मा भी गायब है, जिसमें कैमरा लगा हुआ था।एसआईटी ने बुधवार को चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली लॉ छात्रा का कड़ी सुरक्षा के बीच मेडिकल कराया गया था।मुमुक्षु आश्रम से संबद्ध शिक्षण संस्थाएं 3 दिन के लिए बंद कर दी गई हैं। माना जा रहा है कि एसआईटी जांच के चलते ऐसा किया गया है लेकिन अधिकारिक तौर पर ऐसी जानकारी नहीं दी गई है।

शाहजहांपुर में डेरा डाले हुये एसआईटी टीम

शाहजहांपुर में कई दिन से डेरा डाले एसआईटी टीम के सदस्य आरोपी-गवाह और शिकायतकर्ताओं के अलावा बाकी हर किसी से दूरी बनाए हुए हैं। वजह है कि एसआईटी पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की विशेष पीठ की नजरें लगी हुई हैं। जांच में क्या कुछ निकल कर सामने आ रहा है? जांच की दिशा क्या है ? इसकी पल-पल की जानकारी पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह को एसआईटी दे रही है, ताकि एसआईटी जब रिपोर्ट के साथ इलाहाबाद हाई कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ के सामने पेश हो, तो राज्य सरकार और राज्य पुलिस की किरकिरी न हो।

 

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